लखनऊ में अमित शाह ने भरी चुनावी हुंकार, कार्यकर्ताओं से बोले- अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखें

Amit Shah Lucknow Visit: लखनऊ में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह ने यूपी चुनाव 2027, समान नागरिक संहिता और योगी के नेतृत्व पर बड़ा संदेश दिया। अखिलेश यादव ने भी उनके बयान पर प्रतिक्रिया दी।
Amit Shah in Lucknow: BJP Targets 2027 UP Elections, Backs Yogi Adityanath's Leadership
अमित शाह-सीएम योगी- केशव प्रसाद मौर्य- बृजेश पाठक(सोर्स-सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • भाजपा की सरकार बनने पर यूपी में UCC लागू करने का ऐलान

  • अमित शाह ने योगी के नेतृत्व पर लगाई मुहर

  • यूपी में भाजपा सरकार अंगद का पैर- अमित शाह

  • योगी सरकार की तारीफ, अखिलेश यादव को चुनौती

  • अमित शाह ने लखनऊ से दिया 2027 का संदेश

Amit Shah Lucknow Visit Targets UP Elections 2027: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ के संक्षिप्त दौरे में एक बार फिर बीजेपी के चुनावी रणनीतिकार की भूमिका में दिखाई दिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए के जवाब में कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि उत्तर प्रदेश में आप बीजेपी की सरकार बनवा दें, हम यहां यूसीसी लागू कर देंगे। राम मनोहर लोहिया विश्व विद्यालय लखनऊ में यूपी बीजेपी की कार्यसमिति बैठक के पहले दिन मुख्य अतिथि के तौर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भरपूर कोशिश की।

उन्होंने कहा, "आप लोग अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखें। हमें ही सरकार बनानी है।" विधान परिषद चुनाव में ठीक-ठाक प्रदर्शन न कर पाने के कारण अमित शाह के इस दौरे को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा था और इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि क्या अगले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी योगी आदित्यनाथ को ही प्रमुख चेहरा बनाए रखेगी।

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अमित शाह ने इस पर साफ संदेश देते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कठोर शासन के जरिए यूपी को माफियाओं से मुक्त किया है और यूपी में बीजेपी सरकार अंगद का पैर है, इसे कोई हिला नहीं सकता। कार्यकर्ताओं को उन्होंने बीजेपी का मालिक बताया और कहा कि आप की ताकत से ही बीजपी यूपी में लगातार चुनाव जीत रही है।

अखिलेश यादव को दी चुनौती

अमित शाह ने यूपी में प्रमुख प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अखिलेश बाबू आप किस मुंह से सरकार बनाने की बात कर रहे हैं।

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन 'राम-राम ' से किया और अपने वक्तव्य में 1990 में मुलायम सिंह यादव की सरकार द्वारा अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने की बात का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि तब सरयू का पानी राम भक्तों के खून से लाल हो गया था।

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अमित शाह के लखनऊ दौरे का कार्यक्रम अचानक संक्षिप्त हो जाने से यह अटकल भी लगाई जा रही थीं कि हाल के विधान परिषद चुनाव में बीजेपी की चुनावी रणनीति से वे नाखुश हैं लेकिन कार्यकर्ताओं से बातचीत में उन्होंने अपनी यह नाराजी जाहिर नहीं होने दी।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को उसी तरह से प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जैसा वह उत्तर प्रदेश के पिछले चुनावों में करते रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उन्होंने खुलकर तारीफ की और उससे यह संदेश देने की भी कोशिश की कि उत्तर प्रदेश में अगला चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

एक तीर से दो शिकार

इस तरह अमित शाह ने एक तीर से दो शिकार किए। एक तरफ तो उन्होंने योगी आदित्यनाथ को भरोसा दिलाया, उनका आत्म विश्वास बढ़ाया तो दूसरी तरफ बीजेपी के भीतर चल रही फुसफुसाहट और भितरघात की अटकलों पर भी पूर्ण विराम लगा दिया।

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अमित शाह के वक्तव्यों ने जहां बीजेपी के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया है वहीं समाजवादी पार्टी पर उनके बयान की तीखी प्रतिक्रिया हुई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अमित शाह के बयान पर कहा कि हार जीत भाषणों से तय नहीं होती, यह जनता तय करती है। हम अयोध्या की जनता को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने हमें जीत दिलाई। वाराणसी में डबल इंजन को जनता ने डबल जीरो दिया। आने वाले समय में जनता मतदान करके पूरी सफाई करने जा रही है।

बहरहाल अमित शाह के दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल तो बढ़ा है, लेकिन उत्तर प्रदेश भाजपा में अभी बहुत कुछ ऐसा है जिसको बदलने की जरूरत है। सिर्फ मंथन होने से या अमित शाह के मंत्र दे देने भर से बीजेपी की नैया पार लगने वाली नहीं है।

रिपोर्ट- गोविंद पंत राजू