

Kanpur Vineet Minocha Murder Case: कानपुर में हुए चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहुत शालू को राहत मिल गई। 5 सितंबर को हुए इस घटनाकांड के बाद पुलिस ने सुपारी किलर विशाल के बयान के आधार पर शालू को आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया था जिसके बाद से शालू के ऊपर कई आरोप लगे लेकिन पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई।
विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत ने पुलिस के सामने अपना कबूलनामा किया जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने जेसीपी संकल्प शर्मा और विवेचक केशव तिवारी व कानूनी सलाहकारों के साथ मिलकर बैठक की। इसमें शालू की जेल से रिहाई के लिए चार बिंदु तैयार किए गए जिससे वह कोर्ट में बता सके कि शालू पुलिस की जांच में अब बेकसूर है और उसकी रिहाई हो। जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट ने दवा कारोबारी की हत्या में गिरफ्तार बहू शालू की रिहाई का आदेश दिया।
सोमवार देर शाम 7:30 बजे बहु शालू जेल से रोते हुए बाहर निकली।शालू के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कहा पुलिस को ऐसे मामलों में आत्ममंथन करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी बेकसूर के साथ ऐसा ना हो।
विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने जेल में बंद तीन आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड न्यायालय से ली थी, जिसके बाद न्यायालय से 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड की मंजूरी मिली थी। इस दौरान पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर कल्याणपुर थाने पहुंची थी और उनका सामना विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत से कराया गया था।
सुब्रत के सामने आने के बाद इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई थी और सुब्रत टूट गया था और उसने अपना कबूलनामा पुलिस के सामने कर लिया था। जिसके बाद उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसी के बाद से बहु शालू की रिहाई का रास्ता खुल गया था। बेटे के गुनाह स्वीकार करने और उसे जेल भेजे जाने के बाद पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त अपराध संकल्प शर्मा ने विवेचक केशव तिवारी व कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की।
इसमें शालू की जेल से रिहाई के लिए चार बिंदु तैयार किए गए जिससे पुलिस कोर्ट में बता सके कि शालू पुलिस की जांच में अब बेकसूर है और उसकी रिहाई हो जाए। इसमें महत्वपूर्ण बिंदु हत्यारोपी विशाल के पूर्व के बयान को झूठा बताया जाना था और सुब्रत का कबूलनामा था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट ने दवा कारोबारी की हत्या में गिरफ्तार बहु शालू की रिहाई का आदेश शर्तों पर दिया है। आदेश के अनुसार जेल अधीक्षक से कहा है कि अगर शालू अन्य किसी मुकदमे में वांछित नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए। इसके साथ ही शालू को 50 हज़ार रुपए का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने और इस आशय के अंडरटेकिंग देने के लिए कहा कि जब भी न्यायालय या विवेचक द्वारा शालू को बुलाया जाएगा तो वह उपस्थित होगी। व्यक्तिगत बंध पत्र दाखिल करने पर और रिहाई का परवाना जेल पहुंचने के बाद बहु शालू को जेल से रिहा कर दिया गया।
रिहा होने के बाद बहु शालू जेल से बाहर रोते हुए निकली जेल से उनको लेने के लिए उनकी बहन सोनिया और भाई धीरज पहुंचे थे। इसके बाद मीडियाकर्मियों ने उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन शालू बिना किसी से बात किए रोते हुए अपनी कार में बैठ गई। उनके भाई धीरज ने कहा कि परिवार के लोग खुश हैं, जांच पूरी तरह निष्पक्ष हुई है। पुलिस ने अपना काम अच्छी तरह से किया है वहीं शालू के पति सुब्रत को लेकर पूछे गए सवाल पर धीरज ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।