कानपुर वासियों के लिए बड़ा अलर्ट, जाजमऊ गंगा पुल 3 महीने रहेगा बंद, जानें क्या है ट्रैफिक डायवर्जन प्लान

Jajmau Ganga Bridge Repair: कानपुर-उन्नाव को जोड़ने वाला 50 साल पुराना जाजमऊ गंगा पुल मरम्मत के लिए 1 सितंबर से 90 दिन के लिए बंद रहेगा। NHAI ने ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया।
Kanpur Unnao Traffic Diversion
कानपुर-उन्नाव को जोड़ने वाला जाजमऊ पुलसोर्स- नवभारत लाइव
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Kanpur Unnao Traffic Diversion: कानपुर का 50 साल पुराना जाजमऊ गंगा पुल अब कांपता नजर आता है। कानपुर-उन्नाव को जोड़ने वाले इस पुल पर 100 से अधिक गड्ढे हैं। कई जगह सड़क टूटने से सरिया बाहर निकल आई है। रोजाना लाखों वाहन इस जर्जर पुल से गुजरते हैं।

एनएचएआई अब पुल की मरम्मत के लिए 1 सितंबर से 90 दिन के लिए बंद करेगा। इसके लिए कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के डीएम और एसपी को डायवर्जन के लिए लेटर भेजा है।

90 दिन पुल बंद हुआ तो क्या होगी चुनौती

पुल की व्यापक मरम्मत के दौरान इसे 90 दिन तक बंद रखने की तैयारी है। इससे उन्नाव से कानपुर, दिल्ली, झांसी और दूसरे शहरों की ओर जाने वाले वाहनों को लंबा वैकल्पिक रास्ता लेना पड़ सकता है। उन्नाव और कानपुर प्रशासन वाहनों के डायवर्जन के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाश रहा है। पुल को इतने लंबे समय तक बंद रखना दोनों जिलों के लिए बड़ी चुनौती होगी।

इन जिलों को पड़ेगा ज्यादा असर

हमीरपुर, बांदा जाने वाले वाहनों पर अधिक असर डायवर्जन का सबसे अधिक असर हमीरपुर और बांदा की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ेगा। इन मार्गों पर यात्रियों व मालवाहक वाहनों को करीब 75 किमी अधिक दूरी तय करनी होगी। उन्नाव से इटावा जाने वाले वाहनों को करीब 30 किमी अधिक चलना पड़ेगा।

लखनऊ से कन्नौज जाने वाले वाहनों के लिए नया मार्ग राहत भरा साबित होगा क्योंकि इस रूट पर करीब 60 किमी की दूरी कम हो जाएगी।

गड्ढे बचाने में टकराते-टकराते बचे वाहन

जाजमऊ गंगा पुल पर बड़े गड्डों के कारण वाहनों को एक-दूसरे से बचकर निकलना पड़ रहा है। कई जगह वाहन चालक अचानक लेन बदलते दिखाई दिए। इससे टक्कर का खतरा बना रहा। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण स्थिति और बिगड़ गई है।

कानपुर की तरफ पुल खत्म होते ही करीब 6-7 मीटर लंबा गड्डा भी है। बारिश के बाद इसमें पानी भर जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सबसे ज्यादा खतरनाक है।

गड्डों से निकली सरिया, टायर फटने का खतरा

पुल की सड़क कई जगह से पूरी तरह टूट चुकी है। गड्डों के बीच से आधा फीट से एक फीट तक सरिया बाहर निकल आई है। वाहन चालकों के मुताबिक, सरिया की चपेट में आने से टायर फटने और वाहन के निचले हिस्से के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। भारी वाहन गुजरते हैं तो पुल कांपता है,भारी वाहन गुजरते हैं तो पुल पर कंपन महसूस होता है। फुटपाथ भी कई जगह टूट चुका है।

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कानपुर के मंडल आयुक्त के विजेंद्र पांड्यानं ने बताया कि पुल काफी खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है रोजाना लाखों वाहन गुजर रहे हैं कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है नीचे से पुल की मरम्मत होती चली आ रही है ऊपर की लेयर बनाने में 90 दिन के लिए पुल को बंद करना पड़ेगा जिससे दो जिलों का संपर्क टूट जाएगा।

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