59 दिन फरार, 12 घंटे में आज़ाद: गैंगस्टर अजय ठाकुर की गिरफ्तारी नहीं.. रिहाई बनी चर्चा, छूटते ही कहा शुक्रिया

Gangster Ajay Thakur: कानपुर में महंत पर हमले के आरोपी गैंगस्टर अजय ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन 12 घंटे के भीतर ही उसको जमानत मिल गई। गैंगस्टर की गिरफ्तारी से ज्यादा रिहाई चर्चा में है।
Kanpur Gangster Ajay Thakur Gets Bail Within 12 Hours Boss Is Back Reel Sparks Questions Over Police Action
गैंगस्टर अजय ठाकुर (सोर्स-फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Kanpur Gangster Ajay Thakur Bail: यूपी के कानपुर में महंत पर हमले के चर्चित मामले में करीब दो महीने तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने वाला गैंगस्टर अजय ठाकुर आखिरकार गिरफ्तार तो हुआ, लेकिन उसकी गिरफ्तारी ज्यादा देर तक प्रभावी नहीं रह सकी। इस दौरान कानपुर की रावतपुर थाने की पुलिस ने शनिवार को अजय ठाकुर को गिरफ्तार किया, जबकि अगले ही दिन रविवार सुबह वह जमानत पर रिहा हो गया।

पुलिस द्वारा शांतिभंग की धाराओं में की गई कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट से तत्काल राहत मिल गई। जिसके बाद बाहर आते ही अजय ठाकुर ने एक और रील डाली जिसमे उसने अपने फैन्स के आभार जताया, देखते ही देखते ये रील भी वायरल हो गयी और इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्रवाई और उसकी रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसके साथ ही इस मामले में पुलिस कार्यवाही पर किरकिरी भी हो रही है ।

मामला और कार्यवाही की ये थी वजह

बताते चले ये पूरा मामला कानपुर के केशवपुरम स्थित त्रिलोकी धाम आश्रम से जुड़ा है। आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी ने 29 अप्रैल को रावतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बर्रा क्षेत्र का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर अजय ठाकुर अपनी महिला मित्र से मिलने अक्सर आश्रम के पास आता था। जब महंत ने इसका विरोध किया तो अजय ठाकुर अपने साथियों के साथ आश्रम पहुंचा और कथित रूप से उनके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।

इस मामले में पुलिस ने अजय ठाकुर, उसकी महिला मित्र, उसकी मां, ईशू यादव समेत सात लोगों के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर मारपीट, चोट पहुंचाने और धमकी देने जैसी विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद पुलिस ने अजय ठाकुर की भाजपा का झंडा लगी थार एसयूवी सहित चार दोपहिया वाहन भी जब्त किए थे। इस दौरान पुलिस के द्वारा मामले में सह-आरोपी ईशू यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, जबकि अजय ठाकुर लगातार फरार चल रहा था।

फरारी के दौरान पुलिस की नाक के नीचे डालता रहा रील

फरारी के दौरान भी अजय ठाकुर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहा। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक के बाद एक कई वीडियो और रील पोस्ट कीं, जिनमें वह लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ घूमता, बड़े चौराहे स्थित जेड स्क्वायर मॉल के बाहर कार के बोनट और छत पर खड़े होकर स्टंट करता तथा सिगरेट पीते हुए नजर आया। इन वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर उसकी गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ गया था।

12 घण्टे भी नही भुगती सज़ा, बाहर आया फिर डाली रील

आखिरकार शनिवार को रावतपुर पुलिस ने रतनलाल नगर स्थित एक धुलाई सेंटर के पास से अजय ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की। रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई और वह करीब 12 घंटे के भीतर ही रिहा हो गया। बाहर आते ही अजय ठाकुर के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक और रील वायरल हुई लिखा था बॉस इज़ बैक ।

अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। एक ओर पुलिस फरार गैंगस्टर को पकड़ने को बड़ी सफलता बता रही है, वहीं दूसरी ओर गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद आरोपी के बाहर आने से कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महंत पर हमले से जुड़े मूल मुकदमे की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com