

Kanpur Fake Currency Racket: उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कानपुर कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है पुलिस ने तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से नकली नोटों का जखीरा बरामद किया गया है।एडीसीपी क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व वाली टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर दबिश देकर इन तीनों शातिरों को गिरफ्तार किया जिनके पास से पुलिस ने लाखों रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं।
पकड़े गए तीनों शातिर ट्रेनों में चोरी किया करते थे। ट्रेन में चोरी करने के बाद रेन बसेरों में रहते थे।यहां उनकी मुलाकात इस पूरे नकली नोट छापने के मास्टरमाइंड से हुई जिसने इन तीनों को नकली नोट छापना सिखाया जिसके बाद इन्होंने एप्सन कंपनी का एक प्रिंटर खरीदा एक स्पेशल कागज लिया और इसके बाद नकली नोट छापना शुरू कर दिया।
पकड़े गए तीनों शातिर सोमिल गुप्ता, रोशन अली और शेर सिंह के पास से पुलिस ने 204650 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं।जिसमें 100 रुपए के 1991 नोट , 50 रुपए के नए और पुराने मिलकर 71 नोट और 500 रुपए के चार नोट बरामद किए गए हैं।इसके अलावा उनके पास से एक प्रिंटर ,एक कैची, दो पेपर कटर ,दो स्केल कर खाली और 5 भरी इंक की बोतल,एक स्पेशल पेपर,कुछ कपड़े ट्रॉली बैग और अन्य सहयोगी उपकरण बरामद किया गया है।
पकड़े गए तीनों शातिर भोले भाले लोगों को और गरीब तबके के लोगों को अपना शिकार बनाते थे वह एक असली नोट के बदले तीन नकली नोट थमा देते थे और उसके बाद वहां से रफूचक्कर हो जाते थे। एक व्यक्ति को ग्राहक बनाने के बाद यह दोबारा उसको नोट नहीं देते थे और अपना ठिकाना बदल देते थे।
दूसरे शहर पहुंच कर रेलवे स्टेशन के पास ही रेन बसेरा में अपना ठिकाना बनाते थे और वहीं पर नोट छाप कर तुरंत ठिकाना बदल देते थे। कानपुर में भी वह रैन बसेरे में अपना ठिकाना बनाकर नोट छापने की फिराक में थे कि इस दौरान एडीसीपी सुमित सुधाकर की टीम को इसकी सूचना मिल गई जिसके बाद दबिश देकर रेलबाजार थाना क्षेत्र से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरे मामले का खुलासा अपर पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा ने किया उन्होंने खुलासा करते हुए बताया कि रेल बाजार थाना क्षेत्र के रामलीला मैदान के पास से तीन शातिरों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से लाखों रुपए के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद हुए हैं। इनसे अन्य पूछताछ की जा रही है कि इन्होंने अभी तक कितने नोट छापे और उनको कहां-कहां खपाया है।
ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता की करोड़ों की मात्रा में सहारनपुर के बैंक के करेंसी चेस्ट से बरामद हुए नकली नोट के तार भी इस गैंग से जुड़े हो सकते हैं। इसके संबंध में एनआईए ने लखनऊ में मुकदमा दर्ज भी किया है और इसमें एक बैंक अधिकारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।