कानपुर मेले में टूटा ग्रेविटी झूला, 40 लोग थे सवार; सुरक्षा और अनुमति पर उठे सवाल; देखें VIDEO

Kanpur News: अरमापुर दशहरा मेले में गुरुवार रात करीब 40 लोगों से भरा ग्रेविटी झूला अचानक एक ओर झुक गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद झूले की सुरक्षा और अनुमति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
Kanpur Gravity Ride Accident
कानपुर ग्रेविटी राइड हादसा(सोर्स: नवभारत लाइव)
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • झूला संचालक ने वीडियो बनाने की कोशिश करने वालों के साथ ​की अभद्रता और मारपीट

  • नहीं कराया गया था झूले का फिटनेस सर्टिफिकेट और लोडिंग टेस्ट

  • एडीसीपी पश्चिम योगेश कुमार ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

Kanpur Gravity Ride Accident: कानपुर के अरमापुर में दशहरा मेला बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां दशहरे के दिन हजारों की संख्या में लोग मेले में पहुंचते हैं। दशहरा खत्म होने के बाद भी कई दिनों तक अरमापुर के ग्राउंड में मेला चलता रहता है।

गुरुवार रात्रि मेले में काफी भीड़ थी। इस दौरान 40 लोग मेले में लगे ग्रेविटी झूले पर झूलने के लिए सवार हो गए। अचानक चलते-चलते झूले में बिजली का कनेक्शन कट हुआ और झूला टूटकर एक ओर झुक गया। झूले में सवार लोग अपनी जान बचाने के लिए झूले के अंदर जमीन पर लेट गए। वहीं झूला टूटने की सूचना मिलते ही मेले में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल रहा।

इस दौरान झूला संचालक ने मेले में आए कई लोगों से अभद्रता भी की। कई लोगों ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो झूला संचालक ने उनसे मारपीट भी की। झूला टूटने की सूचना मिलते ही आनन-फानन में कानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। मौके पर एडीसीपी पश्चिम योगेश कुमार भी पहुंचे।

Kanpur Gravity Ride Accident
सफर मेट्रो का, झलक रामायण की: आगरा के मेडिकल कॉलेज स्टेशन पर दिखेंगे श्रीराम के गुरुकुल प्रसंग

झूले की अनुमति को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे एडीसीपी पश्चिम योगेश कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद मेले में झूले लगाने की अनुमति संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच की। कानपुर एडीसीपी योगेश कुमार ने जानकारी दी कि मेले में झूले लगाने के लिए ली जाने वाली सभी विभागों की अनुमति झूला संचालक के पास थी लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि झूला संचालक हादसे के बाद फरार क्यों हो गया?

उन्होंने बताया कि झूला लगाने के लिए अनुमति तो ली ही जाती है लेकिन झूला चालू करने से पहले उसकी फिटनेस सर्टिफिकेट जो एक सर्टिफाइड इंजीनियर के द्वारा जारी किया जाता है। इसके साथ ही लोडिंग टेस्ट कराना अनिवार्य होता है।

लोडिंग टेस्ट करने के लिए झूले में लोगों को बैठाने से पहले उतने ही वजन की वस्तु रखकर झूला चलाया जाता है जिससे झूले का लोडिंग टेस्ट हो सके लेकिन अरमापुर के मेले में टूटे ग्रेविटी झूले का कोई भी लोडिंग टेस्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं लिया गया था जिसके चलते यह हादसा हो गया। ऐसे में इस झूले को बिना लोडिंग टेस्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट के मेले में लगाने की अनुमति देने वाले अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है और अब अनुमति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

Kanpur Gravity Ride Accident
आगरा में बहन पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी राहुल गिरफ्तार, छह घंटे में पुलिस ने दबोचा
Navbharat Live
navbharatlive.com