

ट्रांसपोर्टरों ने ठाणे RTO पर प्रदर्शन कर फिटनेस सेंटर शुरू करने की मांग की।
संघ के अनुसार, 45 दिनों से सेंटर बंद होने के कारण हजारों वाहनों की जांच लंबित है।
प्रदर्शनकारियों ने कल्याण ATS से जांच बहाल करने की मांग करते हुए RTO अधिकारी को ज्ञापन दिया।
Thane RTO Transporters Protest Fitness Centre Delay: ठाणे जिले में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच और पासिंग प्रक्रिया में हो रही देरी के विरोध में सोमवार को ट्रांसपोर्टरों ने ठाणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) पर प्रदर्शन किया।
ठाणे जिला ट्रक-टेम्पो-टैंकर-बस वाहतूक सेवा संघ के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में फिटनेस सेंटर तत्काल शुरू करने और कल्याण के ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के जरिए वाहनों की जांच शुरू कराने की मांग की गई।
संघ के अनुसार, जिले में पिछले 45 दिनों से फिटनेस सेंटर बंद होने के कारण हजारों व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच और पासिंग का काम लंबित है। इसका सीधा असर ट्रक, टेम्पो, टैंकर और बस मालिकों के कारोबार पर पड़ रहा है।
फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिलने से कई वाहन सड़कों पर नहीं चल पा रहे हैं, जबकि वाहन मालिकों को उनकी ईएमआई, बीमा, रखरखाव और मरम्मत का खर्च लगातार उठाना पड़ रहा है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। संघ ने प्रशासन से फिटनेस सेंटर तत्काल शुरू करने और कल्याण सिटी के ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से वाहनों की जांच और पासिंग प्रक्रिया बहाल करने की मांग की है।
ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक, फिटनेस प्रमाणपत्र समय पर नहीं मिलने से वाहनों के संचालन और व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर, वाहन की किस्त, बीमा, रखरखाव और मरम्मत जैसे नियमित खर्च जारी हैं। ऐसे में फिटनेस प्रक्रिया में देरी से वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने ठाणे जिले के फिटनेस सेंटर तत्काल शुरू करने और कल्याण स्थित ATS के माध्यम से व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच बहाल करने की मांग की। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया सुचारु होने से वाहन मालिकों को समय पर प्रमाणपत्र मिल सकेगा और अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।
आंदोलन में संघ के अध्यक्ष विजय यादव, उपाध्यक्ष रामदास वाढवणे, सचिव संतोष डंगारे सहित विभिन्न पदाधिकारी, वाहन मालिक और चालक बड़ी संख्या में शामिल हुए। ट्रांसपोर्टरों ने इस संबंध में ठाणे की प्रादेशिक परिवहन अधिकारी हेमांगिनी पाटिल को ज्ञापन भी दिया।