कानपुर रेपकांड: दरोगा की मौजूदगी में रेप के बाद हटाए गए DCP, इंस्पेक्टर-SI सस्पेंड, आरोपी फरार
Sachhendi Police Suspension: कानपुर के सचेंडी में दरोगा की कार में 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। DCP को हटाने के साथ ही लापरवाह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
थाना सचेंडी, फोटो- सोशल मीडिया
Kanpur Minor Girl Rape Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाकी को दागदार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सचेंडी इलाके में एक दरोगा की मौजूदगी में उसकी अपनी ही कार के भीतर 14 वर्षीय नाबालिग से बलात्कार किया गया। इस मामले में लापरवाही बरतने और तथ्यों को छिपाने के आरोप में पुलिस आयुक्त ने सख्त कार्रवाई की है।
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में सोमवार की रात एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ उस समय दरिंदगी की गई, जब वह रात करीब 12 बजे घर के पास से गुजर रही थी। आरोप है कि काली कार में सवार दो युवकों ने उसे जबरन अगवा किया और रेलवे लाइन के किनारे ले गए, जहां एक युवक ने उसके साथ रेप किया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वह कार दरोगा अमित मौर्या की थी और वारदात के समय वह खुद वहां मौजूद था। मुख्य आरोपी की पहचान यू-ट्यूबर और खुद को पत्रकार बताने वाले शिवबरन यादव के रूप में हुई है, जो दरोगा का करीबी दोस्त बताया जा रहा है।
हटाए गए डीसीपी, थाना प्रभारी और दरोगा सस्पेंड
घटना की गंभीरता और पुलिस की संलिप्तता को देखते हुए बुधवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बड़ी कार्रवाई की। डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह और दरोगा अमित मौर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि थाना प्रभारी ने घटना को तोड़-मरोड़कर पेश किया, उच्चाधिकारियों को सही तथ्य नहीं बताए और मामले में पॉक्सो (POCSO) जैसी गंभीर धाराएं भी नहीं लगाईं।
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थाने में मौजूद था दरोगा, मामला खुलने के बाद फरार
दरोगा अमित मौर्या की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है। घटना के बाद जब मंगलवार को एफआईआर दर्ज हुई, तब भी वह देर रात तक थाने में मौजूद था और खुद को बचाने की जुगत में लगा था।, बुधवार सुबह वह फिर थाने पहुंचा और खुद को पुराने स्थानांतरण के आधार पर रिलीव करा लिया, जिसके बाद वह फरार होने में सफल रहा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि दरोगा उन्हें लगातार धमकाता रहा, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में लेने की कोशिश नहीं की। फिलहाल, मुख्य आरोपी शिवबरन यादव पुलिस की हिरासत में है, जबकि दरोगा की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें और क्राइम ब्रांच छापेमारी कर रही हैं।
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सपा ने सरकार को घेरा
इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी ने एक अखबार की रिपोर्ट को साझा करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से लिखा कि “सरकार में खाकी वर्दी शर्मसार है और बेटियों पर हैवानियत की सारी हदें पार हो गई हैं।” पार्टी ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा है कि वे अपनी पुलिस पर ‘अनुशासन का बुलडोजर’ कब चलाएंगे।
