हादसे के बाद लैंबोर्गिनी कार इनसेट में पुलिस कस्टडी में शिवम मिश्रा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Lamborghini Accident Case: कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे में तंबाकू व्यापारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को ACJM कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने 20,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर उसे रिहा करने का आदेश दिया। पुलिस ने 14 दिन की रिमांड अर्जी भी खारिज कर दी। शिवम को आज सुबह करीब 9 बजे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सिर्फ सात घंटे में ही ज़मानत मिल गई। हालांकि, पुलिस जांच में पता चला कि हादसे के समय शिवम मिश्रा ड्राइवर सीट पर था।
आज पुलिस ने बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को कानपुर के VIP रोड पर लगभग 12 करोड़ रुपये की लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार के एक्सीडेंट के सिलसिले में गिरफ्तार किया। SOG टीम ने शिवम को गिरफ्तार किया। मामले में नया मोड़ तब आया जब हादसे में घायल तौफीक ने शिवम के ड्राइवर मोहन एम के साथ समझौता कर लिया। यह समझौता कोर्ट में फाइल किया गया था। यह वही मोहन एम है जिसे केके मिश्रा ने लैंबॉर्गिनी कार का ड्राइवर बताया था।
हालांकि, पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ACJM अमित सिंह की कोर्ट ने मोहन को एक्सीडेंट वाली कार का ड्राइवर नहीं माना और उसकी सरेंडर एप्लीकेशन खारिज कर दी। कोर्ट में पेश रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि ड्राइवर मोहन न तो नामजद आरोपी है और न ही उसका नाम बताया गया है। वहीं, शिवम मिश्रा की अपनी कार रिलीज करने की एप्लीकेशन पर कोर्ट ने डॉक्यूमेंट्स जमा करने और टेक्निकल इंस्पेक्शन करने का निर्देश दिया और दो दिन में रिपोर्ट मांगी।
शिवम की लैंबॉर्गिनी 8 फरवरी की दोपहर VIP रोड पर एक्सीडेंट में शामिल थी। कार की बुलेट और ऑटो से टक्कर में चार लोग घायल हो गए थे। घायल मोहम्मद तौफीक ने ग्वालटोली थाने में केस दर्ज कराया। पहली एप्लीकेशन शिवम की थी, जिसने अपनी रिहाई की मांग करते हुए कहा कि कार एक्सीडेंट में शामिल नहीं थी और लोगों ने शीशा तोड़ा था। दूसरी एप्लीकेशन ड्राइवर मोहन एम की थी, जिसने कहा कि वह परमानेंट ड्राइवर है और घटना वाले दिन कार चला रहा था। अगर केस दर्ज होता है तो वह सरेंडर करना चाहता है। ACJM कोर्ट ने इस मामले में ग्वालटोली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
यह भी पढ़ें: लैंबोर्गिनी वाले ‘रईसजादे’ को बचाने का प्लान फेल! ड्राइवर के सरेंडर वाली चाल नाकाम, योगी की एंट्री से पलटा खेल
कोर्ट ने शिवम की कार रिलीज एप्लीकेशन के बारे में भी पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि क्राइम एक लेम्बोर्गिनी कार का इस्तेमाल करके किया गया था, जिसका नंबर DL 11 CF 4018 था। ड्राइवर शिवम कुमार मिश्रा की पहचान हो गई है। आरोपी ने कार से जुड़े डॉक्यूमेंट्स नहीं दिए। इस पुलिस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने शिवम को कार से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स देने का आदेश दिया है।
समझौता फाइल होने के बाद कोर्ट में पेश हुए प्लेनटिफ मोहम्मद तौफीक ने कहा कि एक्सीडेंट में उनके बाएं पैर में चोट लगी थी। उनका इलाज हो गया है और उन्हें आगे कोई शिकायत नहीं है। मोहम्मद तौफीक घोसियाना, चमनगंज में रहते हैं और ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुज़ारा करते हैं।
शिवम मिश्रा बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा का बेटा है। उनकी कंपनी पान मसाला और टोबैको ब्रांड्स समेत कई जानी-मानी कंपनियों को रॉ मटेरियल सप्लाई करती है। कंपनी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों में फैला हुआ है। शिवम मिश्रा इसके डायरेक्टर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिश्रा को महंगी कारों और घड़ियों का शौक है।