झांसी के पेयजल संकट से हाहाकार, एक हफ्ते से नलों में नहीं आया पानी, बड़ागांव में खरीदकर पीने को मजबूर लोग

Jhansi Baragaon News: पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारी से जब भी शिकायत की जाती है तो कभी मोटर खराब होने तो कभी लाइन फटने की बात कहकर अगले दिन पानी आने का आश्वासन दे दिया जाता है।
Drinking water crisis in Baragaon, Jhansi
झांसी के बड़ागांव में पेयजल संकट(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • बीते आठ दिनों से नलों में नहीं आया पानी

  • पानी की किल्लत को लेकर कस्बेवासियों में नाराजगी

  • अधिकारियों से स्वच्छ पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग

Baragaon Water Shortage: दीपावली के त्योहार की तैयारियों के बीच झांसी के नगर पंचायत बड़ागांव कस्बे में पेयजल संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले एक सप्ताह से कस्बे की पानी सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के लिए पानी तक खरीदना पड़ रहा है, घरों में रोजमर्रा के कामकाज से लेकर त्योहार की साफ-सफाई तक प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है, पानी की किल्लत को लेकर कस्बेवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कस्बे की महिलाओं का कहना है कि पिछले आठ दिनों से नलों में पानी नहीं आया है। पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारी से जब भी शिकायत की जाती है तो कभी मोटर खराब होने तो कभी लाइन फटने की बात कहकर अगले दिन पानी आने का आश्वासन दे दिया जाता है। लेकिन कई दिन गुजरने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। जिन घरों में निजी बोरिंग की सुविधा है, लोग वहां से पानी मांगकर किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। वहीं बाकी परिवारों को पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

Drinking water crisis in Baragaon, Jhansi
झांसी के बड़ागांव में पेयजल संकट(सोर्स: सोशल मीडिया)
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पीने के पानी के लिए भी खर्च करने पड़ रहे पैसे

स्थानीय महिला नीलम ने बताया कि दीपावली का त्योहार नजदीक है। घरों में साफ-सफाई और कपड़े धोने का काम होना है, लेकिन पानी नहीं मिलने से सभी काम अटके पड़े हैं। सरकारी हैंडपंप भी खराब हैं, ऐसे में लोगों के सामने पानी का कोई दूसरा इंतजाम नहीं बचा है। पीने के पानी के लिए भी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

वहीं कीर्ति ने बताया कि पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि महिलाओं को सुबह-सुबह नदी पर जाकर नहाना पड़ रहा है। कपड़े भी वहीं धोकर लाने पड़ते हैं। इससे महिलाओं और परिवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

कस्बे के बुजुर्ग प्रभु दयाल ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं आया है। उम्र अधिक होने के कारण पानी का इंतजाम करना और भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि पानी नहीं मिलने से तीन दिन से नहा तक नहीं पाए हैं।

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पशुओं के लिए भी पानी का इंतजाम करना मुश्किल

लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब कभी सप्लाई शुरू होती है तो नलों से बेहद गंदा पानी आता है, जो पीने लायक नहीं होता। ऐसे पानी के इस्तेमाल से बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। पानी के अभाव में घरों के साथ पशुओं के लिए भी पीने के पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है।

कस्बेवासियों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल कराने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने और स्वच्छ पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि त्योहार के समय भी जब एक सप्ताह तक पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तो उनकी समस्या का समाधान आखिर कब होगा?

रिपोर्ट: आकाश साहू