चार साल का प्यार मुकाम तक पहुंचा! पिता की सहमति के बाद हिंदू युवक और मुस्लिम युवती ने लिए सात फेरे

Pratapgarh Love Marriage: चार साल से प्रेम संबंध में रहे हिंदू युवक और मुस्लिम युवती ने परिवार की सहमति के बाद मंदिर में शादी कर ली। 6 घंटे चली पुलिस पंचायत के बाद युवती के पिता ने विवाह की मंजूरी दी।
Hindu Man and Muslim Woman Love Marriage in Pratapgarh Family Consent
अंतरधार्मिक विवाह (सोर्स-फोटो नवभारत)
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Pratapgarh Hindu-Muslim Love Marriage: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में प्रेम, सामाजिक सौहार्द और पारिवारिक सहमति की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। चार वर्षों से प्रेम संबंध में रहे हिंदू युवक अमन कुमार और मुस्लिम युवती सानिया बानो ने युवती के पिता की सहमति मिलने के बाद मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की मध्यस्थता भी अहम रही। करीब छह घंटे तक चली बातचीत के बाद दोनों परिवारों के बीच सहमति बनी और विवाह संपन्न हुआ।

परिवारों ने किया विरोध

मामला पट्टी कोतवाली क्षेत्र के दाऊदपुर गांव का है। दाऊदपुर गांव के रहने वाले अमन कुमार और सानिया बानो का घर एक-दूसरे से महज 300 मीटर की दूरी पर हैं। दोनों पिछले चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच प्रेम संबंध था। समय के साथ दोनों ने शादी करने का फैसला किया, लेकिन अलग-अलग धर्मों से होने के कारण परिवारों की ओर से शुरुआती विरोध सामने आया।

बताया जा रहा है कि जब युवती के पिता खुर्शीद आलम को इस संबंध की जानकारी हुई तो उन्होंने शनिवार को पट्टी थाने में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत शुरू कराई। थाने में करीब छह घंटे तक चली पंचायत के दौरान पुलिस अधिकारियों ने दोनों परिवारों और युवक-युवती की बात सुनी तथा शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया।

छह घंटे तक चली पंचायत के बाद पिता ने दी मंजूरी

लंबी चर्चा के बाद सानिया के पिता ने बेटी की इच्छा और उसकी खुशियों को प्राथमिकता देते हुए विवाह के लिए अपनी सहमति दे दी। पिता की मंजूरी मिलते ही दोनों परिवारों के बीच बना तनाव समाप्त हो गया और खुशी का माहौल बन गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लिए सात फेरे

सहमति बनने के बाद अमन और सानिया ने स्थानीय महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए। विवाह के दौरान दोनों पक्षों के परिजन और ग्रामीण भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाह सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और परिवार की सहमति के साथ लिए गए निर्णय की बानगी है। क्षेत्र में यह अंतरधार्मिक विवाह चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे प्रेम, विश्वास तथा सामाजिक समरसता की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

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