

Sanjay Dina Patil Daughter Rajul Patil Visits Matoshree: महाराष्ट्र की राजनीति में ऑपरेशन टाइगर के कारण मची खलबली के बीच अब पारिवारिक रिश्तों और राजनीतिक निष्ठाओं के टकराव की एक अनूठी कहानी सामने आई है। शिवसेना ठाकरे गुट के बागी सांसद संजय दीना पाटिल की बेटी और नगरसेविका राजूल पाटिल ने अपने पिता की राह से अलग चलते हुए उद्धव ठाकरे के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जाहिर की है।
आज मुंबई के मातोश्री निवास पर एक भावनात्मक और राजनीतिक दृश्य देखने को मिला, जब राजूल पाटिल उद्धव ठाकरे से मिलने पहुंचीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि वह अपना स्टैंड क्लियर करने आई हैं और हर परिस्थिति में उद्धव सेना के साथ ही रहेंगी। राजूल ने कहा, मैं उद्धव जी को अपना पक्ष बताने आई थी, और मैंने उनसे साफ कह दिया है कि मैं शिवसेना ठाकरे गुट के साथ हूँ।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजूल के पिता और मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल उन 6 बागी सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की इच्छा जताई है। जहां एक ओर उनके पिता ने ठाकरे गुट पर विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया है, वहीं राजूल पाटिल ने सोशल मीडिया पर बालासाहेब और उद्धव ठाकरे के पोस्टर्स साझा कर अपनी निष्ठा सार्वजनिक कर दी थी।
राजनीतिक गलियारों में इस पाटिल वर्सेस पाटिल की लड़ाई को लेकर काफी चर्चा है। पाटिल परिवार के भीतर का यह विभाजन राज्य की बड़ी राजनीतिक फूट का एक माइक्रो नैरेटिव बनकर उभरा है। एक ओर पिता संजय दीना पाटिल शिंदे गुट के साथ सत्ता की ओर बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर बेटी राजूल ने मातोश्री का साथ देकर संघर्ष की राह चुनी है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा यह भी है कि कहीं पाटिल परिवार दोनों हाथ घी में रखने वाली रणनीति तो नहीं खेल रहा है? पिता का दलबदल कर सत्ता पक्ष में जाना और बेटी का विपक्ष में टिके रहना एक अलग कहानी भी बयां करता है। जानकार इसे भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए एक सुरक्षित दांव के रूप में भी देख रहे हैं।