वाराणसी के दालमंडी में नहीं चलेगा बुलडोजर, हाईकोर्ट ने 20 जुलाई तक लगाई रोक
Varanasi Demolition Stay: दालमंडी क्षेत्र के व्यापारियों और प्रभावित पक्ष की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने यह अंतरिम राहत दी है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
वाराणसी के दालमंडी में बुलडोजर (Image- Social Media)
Varanasi Dalmandi Road Widening: दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने बड़ा आदेश जारी किया है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए 20 जुलाई तक यथास्थिति (स्टेटस क्वो) बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल चौड़ीकरण से जुड़ी सभी कार्रवाई पर रोक लग गई है।
दालमंडी क्षेत्र के व्यापारियों और प्रभावित पक्ष की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने यह अंतरिम राहत प्रदान की। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक वर्तमान स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
मुस्लिम व्यापारियों के लिए बड़ी राहत
दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर पिछले कई दिनों से क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां तेज थीं। ऐसे में हाईकोर्ट के इस आदेश को प्रभावित व्यापारियों, विशेषकर मुस्लिम व्यापारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दालमंडी चौड़ीकरण पर लगाई रोक।
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याचिकाकर्ता की क्या हैं दलीलें?
याचिकाकर्ता ने कहा कि नगर निगम ने उनके मकान को जर्जर बताते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया है, जबकि उनकी आपत्तियों पर अब तक कोई अंतिम आदेश नहीं पारित किया गया और न ही विधिवत तामील की गई है। ऐसे में उनके मकान को गिराने की कार्रवाई कानून सम्मत नहीं मानी जा सकती। याचिकाकर्ता की तरफ से बात रख रहे अधिवक्ता काज़ी मुहम्मद अकरम एवं उनकी टीम ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि बिना अंतिम आदेश और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई असंवैधानिक एवं अवैध होगी।
20 जुलाई को अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का वक्त दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता को भी दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है।
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हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को करेगा। कोर्ट ने तब तक विवादित परिसर के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिय है।
