

गांव गंदू नगला में नाइट ड्यूटी पर तैनात थे लक्ष्मण सिंह
कुर्सी पर बैठे-बैठे थम गईं लक्ष्मण सिंह की सांसें
पुलिस ने दरोगा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
Hapur SI Laxman Singh Death: हापुड़ में मंगलवार (3 नवंबर) को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के दरोगा (55) की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। वह गांव गंदू नगला में नाइट ड्यूटी पर तैनात थे।
यहां कुर्सी पर बैठे-बैठे उनकी सांसें थम गईं। प्रारंभिक तौर पर उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है।
दरोगा की पहचान लक्ष्मण सिंह के नाम से हुई है। रातभर ग्रामीण उन्हें ड्यूटी पर तैनात समझते रहे। सुबह जब लोगों ने उन्हें आवाज दी तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर बहादुरगढ़ थाना प्रभारी इंद्रकांत यादव टीम के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने दरोगा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
उप निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मूल रूप से अलीगढ़ जनपद के सादाबाद क्षेत्र के रहने वाले थे। सीओ राहुल यादव ने बताया कि उप निरीक्षक लक्ष्मण सिंह की मौत रात्रि ड्यूटी के दौरान हुई है। प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
24 घंटे की ऑन-ड्यूटी और 14+ घंटे का कार्यभार: उत्तर प्रदेश पुलिस रेगुलेशन एक्ट के तहत पुलिसकर्मी हमेशा ऑन-ड्यूटी माने जाते हैं। थानों और फील्ड में तैनात जवानों को रोजाना 12 से 16 घंटे तक लगातार काम करना पड़ता है, और स्टाफ की कमी के कारण उन्हें महीनों तक साप्ताहिक छुट्टी भी नहीं मिल पाती।
तनाव और नींद की कमी से दिल पर सीधा असर: लगातार लंबी शिफ्ट, कानून-व्यवस्था का भारी दबाव और रात की ड्यूटी के कारण पुलिसकर्मी गंभीर मानसिक तनाव और अनिद्रा के शिकार हो जाते हैं। पर्याप्त आराम न मिलने और अनियमित खान-पान से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर हार्ट अटैक का मुख्य कारण बनते हैं। आराम और शारीरिक रिकवरी न होने के कारण फील्ड में तैनात जवान 'साइलेंट हार्ट अटैक' का शिकार हो रहे हैं।
पहले जितना तेज चलते थे, अब नहीं चल पाते हैं।
सीढ़ियां चढ़ते या तेज चलते समय जल्दी सांस फूलती है।
आराम के बाद भी थकान महसूस होती रहती है।
सीने में दर्द नहीं होता, लेकिन असहज महसूस होता है।
ब्लड फ्लो कम होने से पैरों में सूजन बढ़ती है।
हार्ट बीट पर कंट्रोल नहीं रहता है।
खर्राटे आते हैं या बार-बार नींद खुल जाती है।
पेट और कमर के आसपास फैट जमा होने लगता है।
कोलेस्ट्रॉल, बीपी या शुगर बढ़ा हुआ दिखता है।
बार-बार अपच या एसिडिटी की शिकायत होती है।
एक्सरसाइज के दौरान गर्दन या जबड़े में दर्द हो सकता है।
हार्ट से जुड़ी समस्याओं के संकेत धीरे-धीरे सामने आ सकते हैं, लेकिन सभी लोगों में ऐसा नहीं होता। कुछ लोगों में ये संकेत पहले दिखते हैं, जबकि कुछ को अचानक परेशानी हो सकती है।
इसलिए इन लक्षणों को किसी तय समय या साल से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। इन्हें पहचानना और समय पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।