

मुंबई और पिंपरी-चिंचवड़ में ड्यूटी के दौरान 2 पुलिसकर्मियों की हार्ट अटैक से मौत।
मुंबई के कुरार थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड़ की ड्यूटी पर जाते समय मौत।
पिंपरी-चिंचवड़ में ड्रग तस्कर का पीछा करते समय 38 वर्षीय हवलदार जावेद बागसिराज को पड़ा दिल का दौरा।
Mumbai and Pimpri Chinchwad Policeman Death: महाराष्ट्र के मुंबई और पिंपरी-चिंचवड़ से दो बेहद दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। ऑन-ड्यूटी तैनात दो पुलिसकर्मियों की अचानक हार्ट अटैक आने से जान चली गई है। मुंबई के कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड़ की ड्यूटी पर जाते समय कार में मौत हो गई। वहीं, पिंपरी-चिंचवड़ में मादक पदार्थों की तस्करी के संदिग्ध का पीछा करते समय 38 वर्षीय पुलिस हवलदार जावेद बागसिराज की जान चली गई। इस घटना ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहली घटना मुंबई से सामने आई है। कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड़ नवी मुंबई के उलवे इलाके में रहते थे। रोज की तरह वह घर से कुरार पुलिस थाने के लिए निकले थे। रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
उन्होंने साथ मौजूद चालक और ऑपरेटर को अस्वस्थ महसूस होने की बात बताई और कार में ही कुछ देर आराम करने के लिए तकिया मांगा और कार में लेट गए। पुलिस थाने पहुंचने के बाद भी वह नहीं उठे, तो चालक ने उन्हें आवाज दी और उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड़ को तत्काल मालाड के पठानवाड़ी स्थित डीएनए अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई।
दूसरी घटना पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ के संत तुकारामनगर इलाके से सामने आई है। अपराध शाखा के मादक पदार्थ विरोधी दस्ते में तैनात हवलदार जावेद बागसिराज को सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध मेफेड्रोन (एमडी) बेचने आने वाले हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने इलाके में जाल बिछाया।
कार्रवाई के दौरान पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ लिया, जबकि दूसरा भागने लगा। उसे पकड़ने के लिए हवलदार जावेद बागसिराज ने पीछा शुरू किया। इसी दौरान उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह जमीन पर गिर पड़े।
सहकर्मियों ने उन्हें तत्काल पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण स्मृति अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान उन्हें दोबारा हृदयाघात हुआ। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।