Gorakhpur: गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी, बाबा गोरखनाथ का लिया आशीर्वाद; आज करेंगे महानिशा पूजा

CM Yogi News: सीएम योगी चार दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे। 20 अक्टूबर को सीएम कन्या पूजन और विजयादशमी पर पारंपरिक शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। इसके लिए गोरखपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
CM Yogi has arrived in Gorakhpur for a three-day visit; he will participate in the Mahanisha Puja today.
सीएम ने बाबा गोरखनाथ जी का लिया आशीर्वाद(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • 4 दिवसीय गोरखपुर दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ

  • सीएम ने बाबा गोरखनाथ जी का लिया आशीर्वाद

  • आज महानिशा पूजा में शामिल होंगे सीएम योगी

CM Yogi Gorakhpur Visit: गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंच गए हैं। गोरखपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में बाबा गोरखनाथ जी का आशीर्वाद लिया। फिर उन्होंने ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम 4 बजे से महानिशा पूजा में भी शामिल होंगे। गोरक्षपीठ में भी हवन-पूजन का कार्यक्रम होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अष्टमी से लेकर दशहरे तक गोरखपुर में रहेंगे। इस दौरान गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे।

19 अक्टूबर को महानवमी का व्रत रखा जाएगा। 20 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कन्या पूजन और कन्याओं को भोज कराने का कार्यक्रम होगा। इसके बाद सीएम योगी विजयादशमी के अवसर पर पारंपरिक शोभायात्रा की अगुवाई भी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी इस दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस विजयादशमी शोभायात्रा को लेकर सतर्क हैं। सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन को लेकर तैयारियां की गई हैं।

CM Yogi arrives in Gorakhpur on a three-day visit; will participate in Mahanisha Puja today.
सीएम योगी ने महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर की पूजा।(सोर्स- सोशल मीडिया)

गोरक्षपीठ में लगेगी संतों की अदालत, दंडाधिकारी होंगे योगी आदित्यनाथ

विजयादशमी के दिन गोरक्षपीठ में संतों की अदालत लगना भी एक विशिष्ट परंपरा है। नाथपंथ में इस परंपरा को पात्र पूजा के रूप में जाना जाता है। इस दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर संतों के आपसी विवादों को सुनते हैं और उनके समाधान का प्रयास करते हैं।

गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की शीर्ष संस्था अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के अध्यक्ष भी हैं। इसी भूमिका में वह विजयादशमी के अवसर पर दंडाधिकारी के रूप में संत समाज के विवादों की सुनवाई करेंगे।

परंपरा के अनुसार, विवादों की सुनवाई से पहले संतगण पात्र देव के रूप में गोरक्षपीठाधीश्वर का पूजन करते हैं। इसके बाद संत अपनी बात रखते हैं और विवादों के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इस व्यवस्था में सत्य बोलने, स्पष्ट रूप से अपनी बात रखने और संत समाज के अनुशासन एवं मर्यादा को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाता है।

सुबह 9:35 बजे गुरु गोरखनाथ का विशेष पूजन

विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 9:35 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरु गोरखनाथ का विशेष पूजन करेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना की जाएगी।

दोपहर एक बजे से तीन बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर के तिलकोत्सव का आयोजन होगा। गोरक्षपीठ की परंपरा में इस कार्यक्रम का विशेष धार्मिक महत्व है। इसके बाद शाम चार बजे मुख्यमंत्री पारंपरिक शोभायात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगी, जहां भगवान श्रीराम का राजतिलक किया जाएगा।

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गोरखनाथ मंदिर से निकलेगी पारंपरिक शोभायात्रा

विजयादशमी के दिन गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की पारंपरिक शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर से निकलेगी। मुख्यमंत्री रथ पर सवार होकर मानसरोवर मंदिर पहुंचेंगे। यहां स्थापित देव विग्रहों का पूजन और अभिषेक करने के बाद वह अंधियारीबाग स्थित रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम के दरबार में पहुंचेंगे। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रीराम का राजतिलक संपन्न कराया जाएगा।

गोरक्षपीठ की विजयादशमी शोभायात्रा गोरखपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस आयोजन में आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का संगम देखने को मिलता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी शोभायात्रा के माध्यम से सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश दिया जाएगा।

मानसरोवर रामलीला मैदान में होगा श्रीराम का राजतिलक

विजयादशमी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण मानसरोवर स्थित रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम का राजतिलक होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद विधि-विधान से राजतिलक संपन्न कराया जाएगा।

रामलीला में राजतिलक का प्रसंग भगवान श्रीराम के आदर्श शासन, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और लोककल्याण की भावना का प्रतीक माना जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। राजतिलक के बाद मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देंगे।

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शाम सात बजे से भोजन-प्रसाद की व्यवस्था

विजयादशमी के पर्व पर गोरखनाथ मंदिर में साधु-संतों, ब्राह्मणों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की व्यवस्था भी की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 20 अक्टूबर को शाम सात बजे से भोजन-प्रसाद का आयोजन होगा।

गोरक्षपीठ की परंपरा में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सेवा को भी विशेष महत्व दिया जाता है। विजयादशमी के अवसर पर होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सेवा और सामूहिक सहभागिता की परंपरा को आगे बढ़ाएगा।

आर्यनगर की 109वीं रामलीला भी रहेगी आकर्षण

गोरखपुर में विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर की परंपरागत शोभायात्रा के साथ रामलीला का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। आर्यनगर रामलीला समिति की ओर से इस वर्ष 109वीं रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यह आयोजन 10 से 23 अक्टूबर तक चलेगा।

रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। इनमें राम विवाह, वनवास, कुंभकरण वध, मेघनाद वध और रावण वध प्रमुख हैं। 20 अक्टूबर को शाम चार बजे भगवान श्रीराम के राजतिलक का कार्यक्रम निर्धारित है, जबकि शाम सात बजे कुंभकरण और मेघनाद वध की लीला का मंचन होगा। 21 अक्टूबर को अहिरावण वध, रावण वध और आतिशबाजी का आयोजन प्रस्तावित है।

रिपोर्ट: गोविन्द पन्त 'राजू'

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