

Akhilesh Yadav Statement Gorakhpur: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि इस बार गोरखपुर की जनता ने परिणाम बदलने का पूरा संकल्प ले लिया है और समाजवादी पार्टी इस बार गोरखपुर में बीजेपी को चारों तरफ से घेरकर हराने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के 10 साल के शासनकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, अपराध और उनके झूठे वादों की पोल खोल रहे हैं।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर के सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए शिक्षा विभाग की बदहाली को उजागर किया। उन्होंने कहा कि सीएम अपनी निजी यूनिवर्सिटी तो बना रहे हैं, लेकिन गोरखपुर में गरीबों के करीब 500 प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। साल 2017 में यहाँ 2163 प्राइमरी स्कूल थे, जो साल 2026 में घटकर केवल 1676 ही बचे हैं।
अखिलेश ने स्वास्थ्य सेवाओं पर चोट करते हुए कहा कि गोरखपुर में सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की संख्या 77 से घटकर अब सिर्फ 9 रह गई है, यानी कुल 68 केंद्र बंद हो चुके हैं। सरकारी डॉक्टरों और केंद्रों के घटते ही यहाँ प्राइवेट एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्रों का धंधा चमक गया है। उनकी संख्या 13 गुना से भी ज्यादा बढ़कर 37 से सीधे 501 हो गई है, जिससे साफ है कि गरीब जनता को लूटा जा रहा है।
कानून व्यवस्था पर बात करते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी राज में दलितों (SC) के खिलाफ अपराध में 37% की भारी वृद्धि हुई है, जिससे कुल मामले बढ़कर 450 हो गए हैं। इसके साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कुल मामले 1283 से बढ़कर 1459 तक पहुंच गए हैं।
अखिलेश यादव ने अयोध्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रभु श्री राम के शहर में विकास के नाम पर महाघोटाला हुआ है। वहाँ चार चरणों में जमीन का बड़ा खेल खेला गया है। राम मंदिर तो बना लेकिन अयोध्या के स्थानीय लोग उजाड़ दिए गए और वहां के गरीब किसानों से उनकी जमीनें तक लूट ली गईं। इसके अलावा उन्होंने सवाल उठाया कि साल 2017 से पहले यूपी में कितने तालाब थे और अब कितनों पर अवैध कब्जा हो चुका है, सरकार इसका जवाब दे।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या में पिछले 6 सालों से मंदिर के नाम पर घोटाला किया जा रहा है। वहां करीब 200 करोड़ रुपये के चंदे की खुली लूट और चोरी हुई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस चंदा चोरी के आरोप खुद बीजेपी के अंदर के लोगों ने ही लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चढ़ावे के पैसे से ट्रस्ट के कर्मचारी अपने निजी खर्च पूरे कर रहे हैं।