राम मंदिर चंदा चोरी केस: SIT के घेरे में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सोने-चांदी की 1250 श्रीराम शिलाएं गायब

Ayodhya News:अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदा चोरी मामले में SIT ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से घंटों पूछताछ कर कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पूरी सनसनीखेज रिपोर्ट पढ़ें।
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चंपत राय (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Ayodhya Ram Mandir SIT Investigation: अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और चंदे में हेराफेरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच की आंच अब राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तक पहुंच गई है। एसआईटी की टीम ने इस मामले में चंपत राय को घेरते हुए उनसे घंटों तक गहन पूछताछ की है।

घंटों पूछताछ के बाद कई अहम दस्तावेज जब्त

एसआईटी के अधिकारियों ने चंपत राय से लंबी पूछताछ करने के बाद उनके पास से कई बेहद महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। चंपत राय से सवाल-जवाब करने के बाद जांच टीम ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मंत्री गोपाल राव से भी अगले चरण की पूछताछ पूरी की है। हालांकि, इससे पहले गोपाल राव को जांच से पूरी तरह अलग रखा गया था।

सोने-चांदी और अष्टधातु की 1250 शिलाएं गायब

इस पूरे मामले में धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि साल 1989 में देश-विदेश और गांव-गांव से पूजित होकर अयोध्या आई सोने, चांदी, हीरे-माणिक्य और अष्टधातु की करीब 1250 बेशकीमती श्रीराम शिलाएं अब कारसेवकपुरम से गायब हो चुकी हैं।

तीन तालों के भीतर रखी शिलाओं का नहीं मिल रहा सुराग

संतोष दुबे के अनुसार, ये सभी पवित्र धातु की शिलाएं साल 2002 तक ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की सीधी देखरेख में कारसेवकपुरम में सुरक्षित रखी गई थीं। वहाँ आज भी मिट्टी की पूजित शिलाएं तो सुरक्षित रखी हुई हैं, लेकिन कीमती धातुओं वाली शिलाएं गायब हैं। हैरानी की बात यह है कि ये शिलाएं जहां रखी गई थीं, वहां तीन मजबूत ताले लगे हुए थे।

शुरुआती जांच में सामने आए कई बड़े नाम, रिपोर्ट तैयार

एसआईटी की इस शुरुआती जांच में ही राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई रसूखदार और बड़े नामों के चंदा चोरी के खेल में लिप्त होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। जांच के पहले दिन जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर अब टीम अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। एसआईटी के अधिकारी जल्द ही अपनी इस प्रारंभिक रिपोर्ट को शासन के समक्ष सौंपने की तैयारी में जुट गए हैं।

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