फतेहपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकना सपा कार्यकर्ताओं को पड़ा भारी, 36 से ज्यादा पर मुकदमा दर्ज

Fatehpur SP leaders FIR: फतेहपुर में वोट चोरी के आरोप में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने और नारेबाजी के मामले में सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ पुलिस ने 25 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की
Fatehpur Police Book 11 Named SP Leaders, 25 Others Over Effigy Burning Protest
सपा कार्यकर्ता(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Protest Against Chief Election Commissioner: वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने और नारेबाजी करने के मामले में सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा कायम किया है। शहरी क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के मामले में सदर कोतवाली में दर्ज एफआईआर में 11 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन के साथ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए नारेबाजी की गई।

मामले में कचहरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनमोल सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। नामजद आरोपियों में नरेश कोरी, सुरेंद्र यादव, मंजर यार, आजम खान, सुशील यादव, अमित मौर्य, संगीता पासी, विपिन यादव, रामेश्वर दयाल उर्फ दयाल गुप्ता, सोहेल खान और अयूब खान शामिल हैं। पुलिस ने इनके अलावा 25 से 30 अज्ञात लोगों को भी मुकदमे में आरोपी बनाया है।

इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा

सदर कोतवाल हेमंत मिश्र के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले का दहन किया गया और मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। पुलिस का दावा है कि इस दौरान अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में लोक शांति प्रभावित हुई तथा कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा।

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पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(ख), 352, 356(2), 189(2) और 190 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

अज्ञात आरोपियों की भी होगी पहचान

चुनाव आयोग के खिलाफ अमर्यादित भाषा का उपयोग और नारेबाजी के मामले में दर्ज मुकदमे में 25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाए जाने के बाद पुलिस प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी करेगी। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और घटनास्थल से संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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