मेरठ में महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता, डर कर घरों से बाहर निकले लोग

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रविवार (1 जून) को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.7 मापी गई है। तीव्रता कम होने की वजह से कुछ नुकसान नहीं हुआ।
मेरठ में महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता, डर कर घरों से बाहर निकले लोग
भूकंप (फोटो- सोशल मीडिया)
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मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में 1 जून दिन रविवार की सुबह 2.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर महसूस किया गया, जिसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे था।

भूकंप का एपिसेंटर 28.87 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.96 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया, जो मेरठ जिले के भीतर स्थित था। हालांकि, इस हल्के झटके से अभी तक किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने दी जानकारी

एनसीएस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी, "भूकंप की तीव्रता: 2.7, दिनांक: 01/06/2025, समय: 08:44:11 IST, अक्षांश: 28.87°N, देशांतर: 77.96°E, गहराई: 5 किमी, स्थान: मेरठ, उत्तर प्रदेश" हालांकि भूकंप की तीव्रता कम थी और झटका कुछ सेकंड के लिए ही महसूस किया गया, फिर भी लोगों में हल्की दहशत देखने को मिली। कुछ इलाकों में लोग घरों से बाहर भी निकलते नजर आए।

मई में मणिपुर में भी आया था भूकंप

इससे पहले 28 मई को मणिपुर के चुराचांदपुर इलाके में रिक्टर स्केल पर 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। एनसीएस के अनुसार, यह भूकंप सुबह 10:23 बजे आया था, जिसका केंद्र जमीन से 36 किलोमीटर नीचे था। "भूकंप की तीव्रता: 3.9, दिनांक: 28/05/2025, समय: 10:23:55 IST, अक्षांश: 24.55°N, देशांतर: 93.70°E, गहराई: 36 किमी, स्थान: चुराचांदपुर, मणिपुर।" हालांकि, इस झटके में भी किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं थी, लेकिन लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। पूर्वोत्तर भारत में मानसून का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 26 की मौत, सिक्किम में फंसे 1500 से ज्यादा पर्यटक

क्यों जरूरी है अलर्ट रहना?

भारत का उत्तर और पूर्वोत्तर हिस्सा भूकंपीय दृष्टिकोण से संवेदनशील जोन में आता है। विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र और गंगा के मैदानी इलाके अक्सर भूकंपीय गतिविधियों से प्रभावित होते हैं। इसलिए जरूरी है कि ऐसे समय में लोग सतर्क रहें और आपातकालीन तैयारी हमेशा बनाए रखें।

(-एजेंसी इनपुट के साथ।)

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