

रविंद्र शुक्ला बोले- भावावेश में निकली बात को राजनीतिक रंग देना गलत
पूर्व शिक्षा मंत्री ने माना- भावुकता में कुछ ज्यादा बोल गए होंगे
समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना
Former Minister Supports Dhirendra Shastri: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान को लेकर झांसी समेत प्रदेश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और पुतला दहन के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री रविंद्र शुक्ला ने उनका बचाव किया है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ हो रहे विरोध को राजनीतिक नजरिए से देखा जाना चाहिए और कुछ राजनीतिक दल चुनावी लाभ के लिए इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री का पूरा वक्तव्य सुना है और उनकी समझ के अनुसार कथावाचक का किसी देवी-देवता या सनातन परंपरा का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों को अल्पसंख्यक वोटों की चिंता है और मौका मिलते ही सनातन धर्म की बात करने वाले लोगों को निशाना बनाया जाता है।
विधानसभा चुनाव नजदीक होने और इस विवाद के चुनावी असर के सवाल पर रविंद्र शुक्ला ने कहा कि जनता काफी समझदार है और ऐसे मुद्दों का चुनाव पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक चुनाव में नीतियां और व्यक्ति का व्यक्तित्व ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज भगवान कृष्ण के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, वे कृष्ण जन्मस्थान को मुक्त कराने और वहां भव्य मंदिर बनाने की मांग खुलकर क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ हासिल करना है।
पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि धीरेंद्र शास्त्री एक कथावाचक और प्रवचनकार हैं, जो अपनी भावनाओं को अपने तरीके से व्यक्त करते हैं। हालांकि उन्होंने माना कि संभव है कि धीरेंद्र शास्त्री भावुकता में कुछ ज्यादा बोल गए हों और बाद में उन्होंने क्षमा भी मांग ली।
रविंद्र शुक्ला ने कहा कि उनकी दृष्टि में धीरेंद्र शास्त्री ने कोई अपराध नहीं किया है, क्योंकि उनके शब्दों के पीछे किसी का अपमान करने का भाव नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी प्रवचनकार की बात को राजनीतिक बयान की तरह नहीं देखा जाना चाहिए और इस पूरे विवाद को चुनावी राजनीति से जोड़कर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।