धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद लखनऊ में पोस्टर वार, धर्म के सहारे 2027 की सियासी बिसात बिछाने में जुटे दल

Dhirendra Shastri Controversial Statement : भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के नाम से लेकर कथावाचकों पर निशाना साधने तक, राजधानी की सड़कों पर लगे अलग-अलग पोस्टर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं।
Posters war Lucknow Dhirendra Shastri's statement
धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद लखनऊ में लगे पोस्टर(सोर्स : नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • राजधानी की सड़कों पर लगे अलग-अलग पोस्टर

  • पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे को घेरने में जुटे दल

  • बसपा ने लिखा 'दोगलों से सावधान'

Poster War Begins Lucknow : लखनऊ में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही सियासी पोस्टरबाजी तेज होने लगी है। इस बार पोस्टरों में सिर्फ राजनीतिक विरोध और आरोप-प्रत्यारोप ही नहीं, बल्कि धर्म और धार्मिक प्रतीकों की भी झलक दिखाई दे रही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के नाम से लेकर कथावाचकों पर निशाना साधने तक, राजधानी की सड़कों पर लगे अलग-अलग पोस्टर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं।  

खास बात यह है कि कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान के बाद पोस्टर वार में धार्मिक मुद्दा भी केंद्र में आ गया है। भाजपा, सपा और बसपा समर्थक अपने-अपने अंदाज में पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे को घेरने में जुटे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद सपा का पोस्टर

समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाया गया एक होर्डिंग इन दिनों चर्चा में है। सपा नेता अब्दुल अजीम मंसूरी की ओर से लगवाए गए इस होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में '27 में कृष्ण आएंगे' लिखा गया है। इसे कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की तुलना भगवान राम से करते हुए उन्हें 'टेढ़ा' कहा था। उनके इस बयान को लेकर कई लोगों ने नाराजगी जताई। इसी बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। सपा कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर भी इसी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

Posters war Lucknow Dhirendra Shastri's statement
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर अखिलेश की प्रतिक्रिया से बढ़ा विवाद, पोस्टर की जीभ काटकर जताया विरोध

भाजपा कार्यालय के बाहर राम-कृष्ण के नाम पर पोस्टर

सपा कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर से पहले भाजपा कार्यालय के बाहर भी भगवान राम और श्रीकृष्ण के नाम पर एक होर्डिंग लगाई गई। भाजपा नेता रजीत सिंह की ओर से लगवाए गए पोस्टर पर लिखा है 'जो राम को लाए थे, 27 में श्रीकृष्ण को लाएंगे।'

पोस्टर में पीएम मोदी को श्रीराम के स्वरूप में और योगी को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया है।

बसपा भी पोस्टर वार में कूदी

लखनऊ में चल रही पोस्टरबाजी के बीच बहुजन समाज पार्टी के समर्थक भी पीछे नहीं हैं। गोमती नगर इलाके में लगी एक होर्डिंग ने लोगों का ध्यान खींचा है। इस पर बड़े अक्षरों में 'दोगलों से सावधान' लिखा गया है। पोस्टर में बसपा सुप्रीमो मायावती की तस्वीर के साथ लाल टोपी दिखाई गई है।

लाल टोपी को समाजवादी पार्टी की पहचान माना जाता है। ऐसे में पोस्टर के जरिए बसपा समर्थकों ने सीधे तौर पर सपा पर निशाना साधने की कोशिश की है। हालांकि, पोस्टर पर किसी नेता का नाम नहीं लिखा गया है, लेकिन लाल टोपी का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश को साफ कर रहा है।

पोस्टरबाजी में दिखने लगी सियासी बेचैनी

लखनऊ में अलग-अलग राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों की ओर से लगाए जा रहे ये पोस्टर आने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी हलचल का संकेत दे रहे हैं। अब तक पोस्टर वार में भाजपा, सपा और कांग्रेस समर्थक ज्यादा सक्रिय नजर आते थे, लेकिन इस बार बसपा समर्थकों की मौजूदगी भी चर्चा में है।

फिलहाल विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजधानी लखनऊ की सड़कों पर लगे इन पोस्टरों ने यह जरूर दिखा दिया है कि 2027 की सियासी लड़ाई की तैयारी अब पोस्टर और नारों के जरिए भी दिखाई देने लगी है।

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