असली नोट बाहर, नकली देश में...देवरिया कांड पर अखिलेश ने शलभ मणि त्रिपाठी को घेरा, UP में सियासी संग्राम!

Deoria Fake Currency Case में सपा और भाजपा में जुबानी जंग तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने भाजपा विधायक के साथ आरोपियों की फोटो साझा कर घेरा, तो शलभ मणि ने इसे सपा की साजिश करार दिया है।
Shalabh Mani Tripathi Akhilesh yadav
अखिलेश यादव, शलभ मणि त्रिपाठी(Image- Social Media)
Updated on

Deoria Fake Currency Case: देवरिया में सामने आए कथित नकली नोट मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपाई नकली नोट देश में चला रहे हैं और असली नोट बाहर भेज रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले से जुड़े लोगों की तस्वीरें भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ मौजूद हैं, फिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

BJP विधायक के साथ तस्वीरें

सपा की ओर से सोशल मीडिया पर भी दावा किया गया कि जिन युवकों को सपा से जोड़कर दिखाया जा रहा है, उनकी तस्वीरें भाजपा विधायक के साथ सामने आई हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या इस मामले में विधायक से भी पूछताछ होगी। वहीं शलभ मणि त्रिपाठी ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनसे हर पार्टी के लोग मिलते हैं और तस्वीरें खिंचवाते हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जांच में यह भी सामने आएगा कि “कौन सपा से प्रेरित होकर देवरिया में अवैध काम कर रहा है।” उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार में पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।

 Fake Currency Case में सपा नेता की गिरफ्तारी

इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नकली नोट मामले में सपा नेता की गिरफ्तारी से पार्टी का “चाल, चरित्र और चेहरा” सामने आ गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सपा सरकार बनने पर ऐसे मामलों में भी मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

दूसरी ओर, मामले में नामजद आरोपी ने वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उसका कहना है कि उसे बिना मौका दिए फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोपी ने यह भी कहा कि उसके राजनीतिक जुड़ाव की वजह से उसे निशाना बनाया जा रहा है।

फिलहाल यह मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सपा और भाजपा के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। असल सच्चाई अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com