‘बाबरी विध्वंस’ के दिन CM योगी का बड़ा ऐलान, काशी-मथुरा को लेकर दिया बड़ा बयान, UP में बढ़ी उथल-पुथल
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'बाबरी विध्वंस' के दिन काशी-मथुरा विवाद से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह हर जगह पहुंचेंगे, और वहां पहुंच भी चुके हैं।
- Written By: अभिषेक सिंह
योगी आदित्यनाथ (डिजाइन फोटो)
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाया जाने लगा है। सियासी जानकार अयोध्या में राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराए जाने को भारतीय जनता पार्टी के सांकेतिक और अनौपचारिक अभियान की शुरुआत मान रहे हैं। वहीं, अब काशी और मथुरा विवाद पर शुरू हुई सियासत भी इसकी गवाही दे रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक सवाल का जवाब देते हुए साफ कहा कि वह हर जगह पहुंचेंगे। एक अखबार के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने काशी-मथुरा विवाद से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह हर जगह पहुंचेंगे, और वहां पहुंच भी चुके हैं। किसी भी समाज को अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। सारी कोशिशें उसी दिशा में शुरू हुई हैं।
और क्या कुछ बोले योगी आदित्यनाथ?
अयोध्या फैसले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं, जिसने एकमत से तथ्यों और सबूतों के आधार पर फैसला सुनाया और भारत के लोकतंत्र की वजह से इसे सभी ने माना। आज का दिन (6 दिसंबर) बहुत अहम है। यह विवादित ढांचे के हटने का दिन है। एक कलंक हट गया है। श्री राम जन्मभूमि पर भगवान राम मंदिर के शिलान्यास के बाद करोड़ों लोग आए।”
सम्बंधित ख़बरें
अलीगढ़ में अविमुक्तेश्वरानंद ने भरी हुंकार, कहा- जो गौ माता की रक्षा का लेगा संकल्प, उसी को मिलेगा वोट
गाजियाबाद पुलिस की बड़ी कामयाबी, लोनी मर्डर केस का आरोपी गौरव नागर एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार
UP बना भारत का ‘ग्रोथ इंजन’: 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट का जाल, जानें पूरा प्लान
Cyber Crime Lucknow: ऑनलाइन जॉब दिलाने के नाम पर ठगी, पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार
‘जो होगा उसमें भागीदारी निभाएंगे’
उन्होंने आगे कहा कि मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद से 24 करोड़ से ज़्यादा भक्त अयोध्या आ चुके हैं। त्योहारों के समय भक्तों की संख्या 3.5-4 मिलियन तक पहुंच जाती है, और आम दिनों में एक से डेढ़ लाख भक्त आते हैं। देश के विकास के लिए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई मिसाल कायम करने के लिए जो भी आंदोलन हुए वे ज़रूरी थे। आगे जो भी होगा हम उसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
यह भी पढ़ें: अयोध्या में विवादित ढांचा आज के दिन ही गिराया था, मस्जिद विवाद से राम मंदिर निर्माण तक का सफर जानें
जानकारी के लिए आपको बता दें कि मथुरा में विवाद शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है, जो कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के बगल में है। हिंदू याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह मस्जिद 17वीं सदी में मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर एक मंदिर को गिराने के बाद बनाई गई थी।
अदालत में काशी मंदिर-मस्जिद विवाद
दूसरी तरफ काशी (वाराणसी) में, ज्ञानवापी मस्जिद की जांच चल रही है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसे काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर बनाया गया था। यह विवाद कोर्ट में चल रहा है, आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया सर्वे के मुताबिक उस जगह पर एक हिंदू मंदिर होने का संकेत मिला था।
