CM YOGI (कांसेप्ट फोटो सौ. सोशल मीडिया)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रमज़ान प्रारंभ होने के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। शनिवार की शाम यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि रमज़ान के पवित्र दिनों में रोज़ा, मानवता की सेवा, ईश्वर की बन्दगी जैसे नेक कार्यों से धैर्य, आत्म अनुशासन, सहनशीलता, सादगी आदि मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।
योगी ने कहा कि ‘‘इससे परस्पर प्रेम और भाईचारे की भावना बलवती होती है।” उन्होंने कहा कि ‘‘उत्तर प्रदेश समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता की मिसाल है।”
आपको जानकारी के लिए बता दें, भारत में ईद सऊदी अरब के एक दिन बाद में मनाई जाती हैं। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि भारत में केरल राज्य को छोड़कर 2 मार्च 2025 से रमजान की शुरुआत होगी और इसी दिन पहला रोजा रखा जाएगा। रमजान का महीना 29 या 30 दिन का हो सकता है।
सऊदी अरब में पहला रोजा 1 मार्च 2025 को रखा जाएगा। इस दिन से पवित्र माह रमजान की शुरुआत होगी। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, 1 मार्च से रमजान शुरू होगा। 29 और 30 मार्च 2025 को रमजान के आखिरी रोजे होंगे। चांद देखने के हिसाब से ईद-उल-फितर 30 मार्च 2025 को होने की संभावना है। लेकिन आखिरी फैसला चांद दिखने पर ही होता हैं।
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मुस्लिम धर्म गुरु के अनुसार, रमजान में मुस्लिम लोग रोजा रखकर खुदा की इबादत करते हैं। रोजा सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रखा जाता है। उपवास के रोज सूर्योदय से पहले कुछ खा लिया जाता है जिसे सहरी कहा जाता है। फिर पूरे दिन न तो कुछ खाया जाता है और न ही कुछ पिया जाता है। फिर सूरज ढलने के बाद रोजा खोला जाता है जिसे इफ्तारी कहा जाता है। इसके अलावा रमजान में नमाज पढ़ने का विशेष महत्व माना गया है। हर मुसलमान को दिन में पांच बार नमाज करना आवश्यक है और रमजान के महीने में ऐसा करना बहुत ही जरूरी माना जाता है। इस्लाम धर्म में दान की भी बड़ी अहमियत है। रमजान में नमाज के बाद जकात को ही सबसे अहम माना जाता है।