CM योगी (Image- Social Media)
UP Politics: विधानमंडल सत्र के दौरान सोमवार से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा शुरू होगी। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना पहले विधायकों को बजट पर अपनी राय रखने का अवसर देंगे, और इस चर्चा के दो से तीन दिन तक चलने की संभावना है।
चर्चा के बाद, विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा किए गए आलोचनाओं का जवाब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देंगे। वहीं, सोमवार को ही प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को विधान सभा से पारित कराएगी।
गुरुवार को सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026 विधान सभा में पेश किए थे, जिनके तहत शाहजहांपुर और भदोही में राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। इन विधेयकों से पहले सरकार ने इन विश्वविद्यालयों के लिए अध्यादेश जारी किया था, जो अब विधेयकों के रूप में विधान सभा में पारित किए जाएंगे। इसके अलावा, विधान परिषद में सोमवार को मुख्यमंत्री राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देंगे।
इससे पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता और किसी को भी हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर माहौल को खराब करने का अधिकार नहीं है। सीएम ने यह भी कहा कि मर्यादाओं का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है। योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य पर तंज करते हुए सवाल उठाया, “अगर वह शंकराचार्य थे तो फिर वाराणसी में लाठीचार्ज क्यों हुआ था और FIR क्यों दर्ज की गई थी?” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग नैतिकता की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा था कि जहां साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु पहुंचे हों, वहां सुरक्षा और व्यवस्था सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि श्रद्धालु जिस एग्जिट गेट से बाहर जा रहे हैं, उस मार्ग से कोई भी व्यक्ति अंदर जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से भगदड़ मच सकती है और श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ हो सकता है।