सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोविड संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरंतर प्रभावी बनाए रखने के दिए निर्देश
- Written By: दिपक.पांडे
लखनऊ : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कोविड संक्रमण (Covid Infection) से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरंतर प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पूर्णतया पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने ट्रेसिंग और टेस्टिंग (Tracing and Testing) का कार्य सतत जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 7 नए मामले सामने आए हैं। इस अवधि में 3 व्यक्तियों को सफल उपचार के उपरांत डिस्चार्ज किया गया। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 92 है।
इन जनपदों में नहीं है कोविड का एक भी मरीज
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जनपद अलीगढ़, अमेठी, अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बागपत, बलरामपुर, बस्ती, भदोही, बिजनौर, बुलन्दशहर, चंदौली, चित्रकूट, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, गाजीपुर, गोण्डा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, जालौन, झांसी, कासगंज, कौशाम्बी, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महोबा, मैनपुरी, मऊ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रामपुर, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सोनभद्र और वाराणसी में कोविड का एक भी मरीज नहीं है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर 98.7 प्रतिशत है। पिछले 24 घण्टे में प्रदेश में 1 लाख 53 हजार 569 कोरोना टेस्ट किए गए। अब तक राज्य में 8 करोड़ 77 लाख 17 हजार 554 कोविड टेस्ट संपन्न हो चुके हैं।
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कोविड टीकाकरण को और तेज करने के प्रभावी प्रयास किए जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड टीकाकरण को और तेज करने के प्रभावी प्रयास किए जाए। इसके लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाए। लक्षित आयु वर्ग के जिन लोगों ने अभी तक टीके की खुराक नहीं ली है, उन्हें वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, निराश्रित और वृद्धजनों से संपर्क कर उनका टीकाकरण कराएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ग्राम प्रधानों और पार्षदों का सहयोग लें। उन्होंने कहा कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए, जिससे लक्षित आयु वर्ग के अधिक से अधिक लोग कोरोना वैक्सीन की डोज प्राप्त करने के लिए प्रेरित हो सकें।
प्रदेश की कुल आबादी की 76.20 प्रतिशत है
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य में गत दिवस तक 16 करोड़ 27 लाख 11 हजार से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी हैं। 5 करोड़ 36 लाख 9 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड सुरक्षा कवच प्रदान किया जा चुका है। 11 करोड़ 23 लाख 42 हजार से अधिक लोगों ने कोविड वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है। यह संख्या टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी की 76.20 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में अब तक 525 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील किए जा चुके हैं।
जांच की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के अनेक देशों में कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से प्रदेश आ रहे हर व्यक्ति की जांच की जाए। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए जांच की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी वाले बस स्टेशनों पर जांच को तेजी से बढ़ाया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए।
संक्रमित व्यक्तियों की समय से पहचान हो जाए और उनका समय पर उपचार हो सके
मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के दृष्टिगत जीनोम सीक्वेंसिंग की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लखनऊ स्थित के.जी.एम.यू. और एस.जी.पी.जी.आई. सहित गोरखपुर, झांसी और मेरठ में जीनोम सीक्वंेसिंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निगरानी समितियां पूरी तरह सक्रिय रहें, ताकि कोविड संक्रमित व्यक्तियों की समय से पहचान हो जाए और उनका समय पर उपचार हो सके। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग की कार्यवाही को और तेज किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन निगम अपनी सभी बसों को चुस्त-दुरुस्त करे, जिससे जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में सभी व्यवस्थाओं को ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
