अब शिफ्ट में पढ़नी होगी नमाज, सीएम योगी ने जारी किया फरमान, शिया समुदाय बोला- ऐसा कोई प्रावधान नहीं
Bakrid Namaz in Shifts: ईद-अल-अजहा की नमाज को लेकर यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फरमान सुनाया है। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का बयान सामने आया।
- Written By: प्रिया जैस
सीएम योगी आदित्यनाथ (सौजन्य-IANS, कंसेप्ट फोटो)
CM Yogi Adityanath on Bakrid Namaz: देशभर में 28 मई को बकरीद मनाई जाने वाली है। इस बीच उत्तर प्रदेश में नमाज पढ़ने को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज हमेशा की तरह मस्जिदों और ईदगाहों के अंदर ही अदा की जाएगी। उनका कहना है कि भीड़ ज्यादा होने के कारण शिफ्ट में नमाज अदा करने की व्यवस्था की जा सकती है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाई थी। लखनऊ के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि नमाज मस्जिदों के अंदर ही पढ़ी जानी चाहिए। किसी को भी सड़कों या खुली सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने सुझाव दिया था कि अगर आपके लिए नमाज पढ़ना जरूरी है, तो उसे शिफ्ट में पढ़ें। उन्होंने कहा कि हम आपको नमाज अदा करने से नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़कों पर इसकी इजाजत नहीं होगी।
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AIMPLB मौलाना का बड़ा बयान
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) से जुड़े मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि बकरीद के लिए मस्जिदों और ईदगाहों में तैयारियां जोरो-शोरो से शुरू हैं। उन्होंने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर अलग-अलग इमामों की अगुवाई में कई शिफ्टों में नमाज का इंतजाम किया जा सकता है।
सभी समुदायों पर एक जैसा कानून लागू करें
मौलाना महली ने बताया कि मुसलमान सालों से मस्जिद और ईदगाहों के अंदर ही ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ते आए हैं। यह सिर्फ इबादत नहीं, बल्कि अनुशासन भी सिखाती है। मुसलमानों ने हमेशा कानून व्यवस्था का सम्मान किया है और सड़कों पर नमाज न पढ़कर खुद को एक सभ्य समुदाय के रूप में साबित किया है।
मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सरकार सभी समुदायों पर एक जैसे नियम लागू करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी भी समुदाय को सड़कों पर जुलूस या जमावड़ा करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
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ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने क्या कहा?
इसके विपरीत शिया समुदाय के मौलाना ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव, मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि सामूहिक शिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं है। मौलाना अब्बास ने बताया कि शिया मस्जिदों में ईद की नमाज की तैयारियां चल रही हैं। शिया पंथ की प्रथा के अनुसार सामूहिक नमाज में कई शिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर उन्होंने कहा कि यह इबादत का मामला है। इससे किसी को भी निशाना नहीं बनाना चाहिए। नियम सभी पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। कोई भी ऐसी धार्मिक गतिविधि जिससे यातायात बाधित होता हो, उस पर रोक लगनी चाहिए।
