यूपी के प्राइवेट हॉस्पिटल की करतूत, प्रसूता और जुड़वा बच्चों की मौत के बाद शव टॉयलेट में छिपाया, फिर…
Uttar Pradesh के एक निजी अस्पताल की रूह कंपा देने वाली करतूत सामने आई है। प्रसूता और उसके जुड़वा बच्चों की मौत के बाद कथित तौर पर शवों को टॉयलेट में छिपा दिया गया। पुलिस ने अस्पताल सील कर दिया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
पूर्वांचल हॉस्पिटल, फोटो- सोशल मीडिया
Ballia Purvanchal Hospital Sealed: उत्तर प्रदेश से हाल ही में बेहद चौंका देने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश के बलिया जिले के एक हॉस्पिटल में एक प्रसूता और उसके जुड़वा बच्चों की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ के उपर लापरवाही को छिपाने और कार्रवाई से बचने के लिए शवों को टॉयलेट में बंद करने का आरोप लगाया है।
बलिया जिले के एक निजी अस्पताल ने बेहद शर्मनाक कारनामा किया है। जिले के विजयपुर स्थित ‘पूर्वांचल हॉस्पिटल’ में एक प्रसूता महिला और उसके दो जुड़वा नवजात शिशुओं की मौत के बाद उनके शवों को अस्पताल के शौचालय में छिपाकर रखने का गंभीर आरोप लगा गया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल एक्शन लेते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और मुख्य आरोपी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है।
परिजनों से झूठ और टॉयलेट से बरामद हुए शव
रामपुर बोहा आंखार गांव की रहने वाली एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान महिला और उसके दोनों जुड़वा बच्चों की मौत हो गई। जब पुलिस और प्रशासन की टीम जांच के लिए पहुंची, तो डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि नवजात शिशुओं के शव परिजनों को पहले ही सौंप दिए गए हैं। हालांकि, डॉक्टर का यह दावा झूठा निकला। जब परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल की गहन तलाशी ली गई, तो टॉयलेट के अंदर से दोनों नवजात शिशुओं के शव बरामद हुए, जिससे अस्पताल प्रशासन की कलई खुल गई।
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इलाके में भारी आक्रोश, आरोपी डॉक्टर हिरासत में
इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा गया। मृतक महिला के भाई ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। जांच में यह भी पता चला है कि बलिया जिले में ‘पूर्वांचल हॉस्पिटल’ के नाम से ही कुल चार अस्पताल संचालित हो रहे हैं। फिलहाल यूपी पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह को हिरासत में लेकर पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि इस घोर लापरवाही और अपराध के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके। शहर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
