चढ़ावा चोरी पर सियासत गरमाई: कांग्रेस की SC की निगरानी में जांच की मांग, BJP बोली- दोषियों को नहीं बख्शेंगे

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सियासत तेज है। कांग्रेस ने SIT की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए SC की निगरानी में जांच की मांग की है, जबकि भाजपा ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
Politics heats up over offering theft: Congress demands SC-monitored probe, BJP says will not spare culprits
राम मंदिर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस ने विशेष जांच दल (SIT) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि जांच के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है और असली जिम्मेदार लोगों तक जांच की आंच नहीं पहुंच रही।

कांग्रेस का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, चढ़ावे के रखरखाव और ऑडिट व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिसने भी मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की होगी, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियां पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों को सजा मिलेगी। समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में जांच के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।

SIT जांच पर कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सवाल किया कि क्या मिले दान को दर्ज करने की कोई प्रक्रिया थी? या आपने बस राम मंदिर बनाया, उसका राजनीतिक फायदा उठाया और फिर उसे भूल गए? जब आप इतने बड़े संसाधन वाली संस्था बनाते हैं, तो आपको कुछ नियम-कायदे बनाने चाहिए थे या आपने इसे अपनी निजी संपत्ति समझ लिया? ये सवाल पूछा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि हमारे सरकार के मुखिया ने कहा था कि वो हर जगह ड्रोन भेज देते हैं जानकारी जुटाने के लिए, तो क्या आपने इस तरह का कोई ड्रोन राम मंदिर में भी भेजा था या आपने यह मान लिया कि ये हमारे अपने लोग हैं। अगर इनमें किसी भी प्रकार की विसंगति है, तो इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता है। जिस तरह से इस पूरे मामले में वरिष्ठों का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार रहा है, उसकी भी जांच होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

वहीं, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है। स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के जज के दायरे में होनी चाहिए। अब लोगों को ये बात समझ आ चुकी है कि राम मंदिर ट्रस्ट कितने बनाया, उसमें लोगों की नियुक्ति किसने की? राम जी को अयोध्या में लाने का दावा भी आप ही करते हैं और राम के नाम पर चोरी करने का काम जो कर रहे हैं, उन्हें आप बचा रहे हैं।

जिस तरह से एसआईटी का गठन हुआ और उसके बाद जांच के लिए समय मांग लिया। इससे एक बात साफ जाहिर होती है कि जिस तरह से लीपापोती करनी थी, वैसा इन लोगों ने कर लिया। इसी को देखते हुए हम लोग चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के जज में जांच हो और दूध का दूध और पानी का पानी हो। भगवान राम के नाम पर इन लोगों ने मत ही नहीं, बल्कि पैसा भी लूटने का काम किया है, जो हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

भाजपा नेता विनय कटियार ने भी राम मंदिर चंदा चोरी विवाद मामले में अपनी तरफ से बातें रखीं। उनके मुताबिक, अच्छा काम चल रहा है, पूजा पाठ चल रहा है। भत्तों की भीड़ जुट रही है। अब इन लोगों ने कुछ किया होगा।

मंदिर अपने स्थान पर है और जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उन लोगों के लिए दूसरा स्थान हो गया, जब हम जाएंगे, तो हमें पता है कि ये लोग नहीं जाएंगे। जब हम वहां पर जाएंगे, तो प्रसाद बांटेंगे। यह कोई मामूली बात नहीं है, यह पत्थर का बना मंदिर है, ऊपर सोना चढ़ा हुआ है। अब इस पर हम क्या ही कह सकते हैं। इसकी रक्षा करना हम सभी लोगों का सामूहिक का काम है।

भगवान की नजर से कोई नहीं बचेगा

उधर, मंत्री लखींद्र कुमार रौशन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर हो रही राजनीति पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे से पता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव ने राम भक्तों पर गोली चलाने का काम किया था। उन्होंने कभी भगवान राम को नहीं माना। ऐसी स्थिति में अखिलेश यादव से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि जब हम लोग यह नारा लगाया करते थे कि मंदिर वही बनाएंगे, तो कांग्रेस के लोग हम पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया करते थे। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद आज वहां पर मंदिर बन गया। वहां पर करोड़ों का चढ़ावा आता है। श्रद्धालु पूरी दुनिया से वहां पर आते हैं। जिस किसी ने भी चंदे में धांधली की है, उसके खिलाफ ट्रस्ट की ओर से कार्रवाई की जाएगी। वहां पर सीएम योगी सत्ता की कमान संभाल रहे हैं। इसलिए कोई भी इस मामले में बच नहीं पाएगा। भगवान राम की नजर से कोई भी बचने वाला नहीं है।

चढ़ावा विवाद पर तेज हुई सियासत

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, चंपल राय बंसल, अनिल मिश्रा, गोविंद गिरी, गोपाल राय, नृपेंद्र मिश्रा को तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेजा जाना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक संग्राम सिंह ने भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चोरी हुई है, डकैती हुई है। प्रभु श्री राम नाराज हैं। भाजपा का नाश हो जाएगाा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com