राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 3 सदस्यीय SIT गठित, कमिश्नर-IG को जांच की कमान, 15 दिन में सच आएगा सामने

राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े गबन मामले की जांच तेज हो गई है। एसओजी ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
ram mandir donation row
राम मंदिर (Image- Social Media)
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Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की कथित चोरी मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक युवक को हिरासत में भी लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। यूपी सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

SIT में कौन-कौन शामिल?

1. विजय विश्वास पंत, IAS, मंडलायुक्त लखनऊ 2. किरन एस, IPS, आईजी रेज़ 3. नील रतन विशेष सचिव , वित्त

चढ़ावा गिनने वाला कर्मचारी हिरासत में

इससे पहले रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों ने आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से लगभग 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए हैं। यह कार्रवाई राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुई है। 27 वर्षीय लवकुश मिश्रा, जो राम मंदिर में कर्मचारी था। आरोप है कि लवकुश मिश्रा दानपात्र में चढ़ाए गए धन के गबन में शामिल रहा। छापेमारी के दौरान बरामद पैसों को जांच टीम अपने साथ ले गई।

क्या बोले नृपेंद्र मिश्र?

वहीं, राम मंदिर चढ़ावा कांड से नृपेंद्र मिश्र ने पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि ये ट्रस्ट का आंतरिक विषय है। दानपात्रों से चढ़ावे की चोरी पर नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मैं निर्माण कार्यों से जुड़ा हूं। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में उन्होंने टिप्पणी से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में ट्रस्ट की जिम्मेदारी है।

करोड़ों के चढ़ावे पर सवाल, नृपेंद्र मिश्र बोले यह ट्रस्ट पदाधिकारी देख रहे हैं। अयोध्या में राम मंदिर के दान पात्रों से चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के मामले में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने खुद को पूरे विवाद से अलग कर लिया है। अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्र ने मीडिया के सवालों पर साफ कहा कि दानपात्र की धनराशि में गबन का मामला ट्रस्ट का आंतरिक विषय है।

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