

Atiq Ahmed Son Request CM Yogi: कभी प्रयागराज में जिसका खौफ था, आज वही माफिया परिवार जान की भीख मांग रहा है। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को जैसे ही नैनी जेल से झांसी जेल शिफ्ट किया गया, उसके होश उड़ गए। झांसी की धरती पर कदम रखते ही वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगे गिड़गिड़ाने लगा और बोला, "योगीजी, बचा लीजिए!" यह नजारा सीएम योगी के उस बयान को सच साबित कर रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि यूपी में अब माफिया गिड़गिड़ाते हुए नजर आएंगे।
अली अहमद को बुधवार के दिन बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जिला कारागार लाया गया। आपको बता दें कि लंबे समय तक पुलिस को चकमा देने और फरार रहने के बाद अली ने रंगदारी के एक पुराने मामले में सरेंडर किया था, जिसके बाद से वह नैनी जेल में बंद था। अब झांसी में उसे एक हाई-सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, जहां उस पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जेल पहुंचने पर उसने यह भी शिकायत की कि उसे किसी से मिलने या बात करने नहीं दिया जा रहा है।
नैनी जेल से झांसी ले जाए जाने के लंबे सफर के दौरान अली अहमद के चेहरे पर डर और हताशा साफ तौर पर झलक रही थी। जो गुरूर और अकड़ कभी इस माफिया परिवार की पहचान हुआ करती थी, वह अब योगी सरकार के इकबाल के सामने पूरी तरह से टूट चुकी है। झांसी जेल के गेट पर पहुंचते ही उसका डर और बेबसी उसकी जुबान पर आ गई। उसने वहां मौजूद मीडिया के सामने गिड़गिड़ाते हुए कहा, "मुख्यमंत्रीजी से यही कहना है कि जो होना था, वो हो गया। लेकिन अब सरकार के नाम पर कुछ लोग मुझे अन्यथा परेशान कर रहे हैं, उनसे हमें बचा लीजिए। मुझे बेवजह सताया न जाए।"
जेल बदलने से घबराए अली ने झांसी जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई। उसने लाचारी भरे अंदाज में कहा, "ये तो मेरा अल्लाह ही जानता है कि यहां हम सुरक्षित रहेंगे कि नहीं?" उसके इस बयान से साफ है कि वह मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है और उसे अनहोनी का डर सता रहा है। यहां यह जानना भी दिलचस्प है कि अतीक अहमद के इस माफिया परिवार का झांसी से एक बहुत पुराना कनेक्शन भी रहा है, जिसकी वजह से भी इस जेल ट्रांसफर को काफी अहम माना जा रहा है। अली के गिड़गिड़ाने से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में अब माफिया राज के अंत की पटकथा लिखी जा चुकी है।