

General Upendra Dwivedi Visit Ayodhya : भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को अपने निजी दौरे पर रामनगरी अयोध्या पहुंचे। सेना प्रमुख बनने के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा रहा। जिसको लेकर प्रशासन, सेना और मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। अयोध्या पहुंचने पर सैन्य अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने संकटमोचन भगवान हनुमान के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और देश की सुरक्षा, समृद्धि तथा नागरिकों के कल्याण की कामना की।
हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद जनरल उपेंद्र द्विवेदी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सेना प्रमुख के आगमन पर मंदिर प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने स्वागत किया। इसके बाद मंदिर व्यवस्था से जुड़े विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल नागरकट्टे ने भी उनका स्वागत किया।
आपको बता दें की दर्शन के दौरान सेना प्रमुख ने श्रीराम मंदिर निर्माण की प्रगति, उसकी भव्य स्थापत्य कला और परिसर में उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर के परकोटा क्षेत्र में स्थित अन्य मंदिरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुछ समय मंदिर परिसर में बिताया और वहां की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को नज़दीक से महसूस किया। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहे।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को निजी दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर देश की सुरक्षा, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की सेना प्रमुख के दौरे को देखते हुए हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस, प्रशासन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी पूरे समय सतर्क रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा और दर्शन व्यवस्था को प्रभावित किए बिना सुरक्षा प्रबंधों को सुचारु रूप से संचालित किया गया।
अयोध्या प्रवास के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने डोगरा रेजीमेंटल सेंटर का भी दौरा किया। यहां सैन्य अधिकारियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। सेना प्रमुख ने रेजीमेंटल सेंटर की गतिविधियों, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और जवानों की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों के साथ विभिन्न सैन्य विषयों पर चर्चा भी की।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देश की सैन्य परंपराओं और भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत के बीच गहरे संबंध को भी रेखांकित किया। रामनगरी में उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति सम्मान, दोनों ही भारत की पहचान के महत्वपुर्णं स्तंभ है।