

Allahabad High Court on Rahul Gandhi: इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिला है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के आदेश की मांग वाली याचिका खारिज को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज किया है।
गौरतलब है कि कि 15 जनवरी 2025 को राहुल गांधी के एक बयान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए जाने की मांग को लेकर अर्जी दाखिल की गई थी। अदालत ने 8 अप्रैल को याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सिमरन गुप्ता नाम की एक महिला की तरफ से दायर की गई इस याचिका पर न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने फैसला सुनाया है। इससे पहले मामले में न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने याचिकाकर्ता के वकील तथा राज्य सरकार के वकील की दलीलें सुनने के बाद 8 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता की तरफ से संभल की एक कोर्ट के आदेश के खिलाफ ये याचिका दायर की गई थी।
दरअसल, संभल की कोर्ट ने 2025 में राहुल गांधी की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने 2025 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के उद्घाटन के दौरान कहा था, ''हम भाजपा, RSS और भारत सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।'' याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि इस टिप्पणी से देशभर में लोगों की भावनाएं आहत हुईं क्योंकि राहुल गांधी की टिप्पणी देशद्रोह के समान है।