अन्याय चरम पर है...नोएडा में कंपनियों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन पर आया सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बयान

Akhilesh Yadav On Noida Labour Protest: अखिलेश यादव ने नोएडा में चल रहे मजदूरों के विरोध प्रदर्शन पर सरकार को जमकर घेरा और कहा कि भाजपा की सरकार में अन्याय की चरम सीमा है।
Akhilesh Yadav On Noida Protest
अखिलेश यादव (सोर्स- डिजाइन इमेज)
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Akhilesh Yadav On Noida Protest: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का बड़ा बयान  सामने आया है। उन्होंने नोएडा में चल रहे कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर सरकार को जमकर घेरा और कहा कि भाजपा की सरकार में अन्याय की चरम सीमा है। दरअसल, अखिलेश यादव ने यह बयान मीडिया से बात करते हुए दिया।

हालांकि इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और रोजगार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है और श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

अन्याय की चरम सीमा है- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने नोएडा में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि भाजपा की सरकार में अन्याय की चरम सीमा है। अन्याय हर तरह का हो रहा है। अन्याय आर्थिक रूप से हो रहा है। अन्याय महंगाई बढ़ाकर हो रहा है। अन्याय बेरोजगारी बढ़ाकर हो रहा है। आज जो नोएडा में देखने को मिला है, बड़े पैमाने पर मजदूर अपनी मांग करते रहे हैं। पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सराकर की है। सरकार की कमी ये है कि जब मजदूर अपनी मांग को लेकर आए हैं तो सरकार ने सुनवाई क्यों नहीं की। अन्य प्रदेशों में भी जब मजदूरों का वेतन बढ़ गया तो सरकार ने उत्तर प्रदेश में राहत क्यों नहीं दी?"

सरकार केवल एक तंत्र पर विश्वास करती है- अखिलेश यादव

दरअसल, सपा सुप्रीमो ने अपने बयान के जरिए सवाल उठाते हुए कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी सरकार केवल एक ही तंत्र पर विश्वास करती है और जनता की समस्याओं से दूरी बनाए हुए है। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।

प्रदर्शनकारियों की यह हैं प्रमुख मांगे

नोएडा में प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन भी ठीक से नहीं मिल रहा। प्रदर्शन में शामिल एक महिला कर्मचारी ने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन हमारी सैलरी बेहद कम है। हमें कम से कम 20 हजार रुपये मासिक वेतन चाहिए। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें ओवरटाइम का भुगतान नहीं दिया जाता और 8 घंटे की जगह 10 घंटे काम कराया जाता है। साथ ही बोनस में भी कटौती की गई है, जिससे असंतोष और बढ़ गया है।

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