'PDA' को धार देगा अखिलेश यादव का मेगा प्लान, जानें कैसे अंबेडकर जयंती से बाजी पलटने में लगी है सपा?

Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी अब गांव-गांव मनाएगी अंबेडकर जयंती। अब पार्टी के इस फैसले को बसपा के दलित वोट बैंक में सेंध और पीडीए को मजबूत करने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
Akhilesh Yadav
PDA को धार देगा अखिलेश यादव का मेगा प्लान, जानें कैसे अंबेडकर जयंती से बाजी पलटने में लगी है सपा?
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Samajwadi Party: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा और 2026 पंचायत चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी ने एक नया राजनीतिक दांव खेला है, जो सीधे तौर पर दलित वोट बैंक को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अब तक मायावती की बहुजन समाज पार्टी अंबेडकर जयंती पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करती रही है, लेकिन इस बार सपा भी इसी राह पर उतर आई है।

गांव-गांव अंबेडकर जयंती मनाने की तैयारी

खबरों की मानें तो समाजवादी पार्टी ने इस बार अंबेडकर जयंती को बड़े पैमाने पर मनाने का फैसला किया है। पार्टी का प्लान है कि गांव-गांव जाकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जहां भीमराव अंबेडकर के विचारों और संविधान की अहमियत पर चर्चा हो। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने साफ कहा कि सपा गांव स्तर तक पहुंचकर अंबेडकर जयंती मनाएगी। इस पहल को पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

बसपा से सीधी टक्कर की रणनीति

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सपा का यह कदम सीधे तौर पर बसपा के पारंपरिक दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश है। वहीं, बसपा भी हर साल की तरह इस बार भी अंबेडकर जयंती पर बड़े आयोजन की तैयारी में है। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच दलित वोटों को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज होने के संकेत हैं। यह मुकाबला आने वाले चुनावों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

भाजपा पर साधा निशाना

इस दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में संविधान पर संकट है और सरकार हर चीज को मुनाफे के नजरिए से देख रही है। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। उनका कहना था कि सरकार को बताना चाहिए कि कितना निवेश आया और कितने रोजगार दिए गए, लेकिन इसका जवाब नहीं दिया जा रहा है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करना चाहती है, जबकि बीजेपी ‘मन विधान’ से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 2024 में बीजेपी को चुनौती देने के बाद अब 2027 में सपा उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

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