IPS केके बिश्नोई की शादी में जाना पड़ा भारी! सपा विधायकों से नाराज हुए अखिलेश, क्या अब कटेगी टिकट?

Uttar Pradesh News: IPS केके बिश्नोई की शादी में शामिल सपा विधायकों पर अखिलेश यादव ने नाराजगी जाहिर की है। इस बीच इन विधायकों के टिकट कटने की अटकलें तेज हो गई हैं।
Akhilesh Yadav Angry On MLAS Who Attend KK Bishnoi Wedding
अखिलेश यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Akhilesh Yadav Statement: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संभल के पुलिस अधीक्षक की शादी में शामिल हुए विधायकों पर प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे पूछा गया कि निर्देशों के बावजूद विधायक शादी में क्यों शामिल हुए, तब उन्होंने कहा कि उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी के अंदर बातचीत कर संबंधित नेताओं को समझाया जाएगा।

दरअसल, हाल ही में संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और आईपीएस अंशिका वर्मा की शादी में सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव, इकबाल महमूद, जिलाध्यक्ष असगर अंसारी और पिंकी यादव शामिल हुए थे।

क्या विधायकों का कटेगा टिकट?

गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि विधायकों को उस शादी में शामिल नहीं होना चाहिए था और इस मामले पर पार्टी के भीतर बातचीत कर उन्हें समझाया जाएगा। अखिलेश यादव के इस बयान से सपा विधायकों के प्रति उनकी नाराजगी साफ झलकती है। इसी के बाद राजनीतिक गलियारों में इन विधायकों के टिकट कटने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, फिलहाल अखिलेश यादव की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।

अखिलेश यादव ने केके बिश्नोई पर दिया था यह बयान

नवंबर 2024 में संभल में हुए बवाल के बाद एसपी केके बिश्नोई काफी चर्चा में आ गए थे। अखिलेश यादव ने उस समय संभल के पुलिस-प्रशासन को ही हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। संभल में तैनाती से पहले केके बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर कार्यरत थे, जहां से उनका तबादला संभल किया गया था। इस मामले में कोर्ट ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 20 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था।

हालांकि, एसपी बिश्नोई ने किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने की बात कहते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही थी। इस पर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर कोई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अदालत के आदेश को अवैध बताता है तो यह न्यायालय की अवमानना के दायरे में आ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सत्ता के दबाव में कानून से ऊपर खुद को समझना भारी पड़ सकता है।

चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना

बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान सपा सुप्रीम अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए और भारतीय जनता पार्टी पर निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की बात कही। उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में ‘पीडीए सरकार’ बनाने के लक्ष्य के साथ ऐसी कथित साजिशों का मुकाबला करने के लिए तैयारी कर रही है।

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