महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान का बड़ा दावा: महिलाओं का योगी सरकार पर भरोसा कायम, विपक्ष पर भी साधा निशाना
Babita Chauhan News: महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा कि महिलाओं का योगी सरकार पर भरोसा कायम है। उन्होंने महिला सुरक्षा, जनसुनवाई, युवाओं के संस्कार और विपक्ष की राजनीति पर खुलकर अपनी राय रखी।
- Reported By: प्रदीप कुमार रावत | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान (सोर्स- फोटो नवभारत)
Babita Chauhan UP Women Commission: उत्तर प्रदेश सरकार के करीब नौ वर्ष के कार्यकाल और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में महिला सुरक्षा और जनसुनवाई एक बार फिर अहम मुद्दा बनकर सामने है। सरकार पर विपक्ष भले ही सवाल खड़े करता रहा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ.बबीता चौहान का दावा है कि महिलाओं का सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति विश्वास आज भी कायम है। उनका कहना है कि महिला किसी भी जाति, वर्ग या धर्म से जुड़ी हो, सरकार की प्राथमिकता उसकी समस्या का समाधान करना है।
महिला आयोग तक बड़े भरोसे के साथ पहुंचती है महिलाएं
‘नवभारत’ से विशेष बातचीत में डॉ.बबीता चौहान ने महिला आयोग की जनसुनवाई के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके सामने बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं पहुंचती हैं, जिन्हें परिवार, पति, संपत्ति और जमीन से जुड़े विवादों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जिन्हें लगता है कि उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। ऐसे में वे महिला आयोग तक बड़े भरोसे के साथ पहुंचती हैं।
बबीता चौहान ने कहा कि आयोग का प्रयास रहता है कि पीड़ित महिला की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उसके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई हो। उनके मुताबिक सरकार की मंशा स्पष्ट है—किसी विशेष समुदाय या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए काम करना।
सम्बंधित ख़बरें
UP विधानसभा में वित्त मंत्री ने पेश किया अनुपूरक बजट, महिला कल्याण और सड़क निर्माण पर सरकार का विशेष जोर
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया सारनाथ का दौरा, संरक्षण और प्रबंधन को लेकर ASI के साथ की बैठक
विधानसभा के मानसून सत्र में गरजे मुख्यमंत्री योगी, बोले- 25 करोड़ जनता के हितों से खिलवाड़ कर रहा विपक्ष
वृंदावन में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, गोदामों से बरामद 5,000 किलो मिलावटी पेड़ा और मिल्क केक किए नष्ट
‘हर महिला को साथ लेकर चल रही सरकार’
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को लेकर संवेदनशील है। उनका दावा है कि सरकार की योजनाओं और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बातचीत के दौरान काशी में दिए गए बयानों और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर भी बबीता चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे विरोधी ताकतों की भूमिका रही। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ युवाओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों के आधार पर पूरी युवा पीढ़ी को गलत नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर की गई अभद्र टिप्पणियां भारतीय सभ्यता और संस्कारों का हिस्सा नहीं हो सकतीं। उनका कहना था कि समाज और परिवारों को भी विचार करना होगा कि युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है।
‘गलती करने वाले भी हमारे बच्चे, सुधार और माफी जरूरी’
बबीता चौहान ने कहा कि प्रदर्शन के बाद कुछ युवाओं के माफी मांगने के वीडियो भी सामने आए हैं। उनका कहना था कि युवाओं से गलती हो सकती है, लेकिन गलती के बाद सुधार की गुंजाइश भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ युवाओं की गलती के कारण देश के करोड़ों युवाओं को कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।
यह भी पढ़ें- केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया सारनाथ का दौरा, संरक्षण और प्रबंधन को लेकर ASI के साथ की बैठक
महिला आयोग अध्यक्ष ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं को राजनीतिक लड़ाई में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें भड़काने के बजाय सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है।
‘भारतीय युवा की विल पावर दुनिया में कहीं नहीं’
बबीता चौहान ने कहा कि मौजूदा दौर में देश का युवा राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच कहीं न कहीं भ्रमित हो रहा है और उसकी दिशा बदल रही है। उन्होंने भारतीय युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत के युवाओं का दिमाग, प्रतिभा और विल पावर दुनिया में कहीं देखने को नहीं मिलती।
उन्होंने भारतीय संस्कृति और संस्कारों को युवा पीढ़ी से जोड़ते हुए कहा कि अगर भारत की संस्कृति जीवित है तो उसके पीछे भारतीय संस्कारों की बड़ी भूमिका है। देश को मजबूत बनाए रखने के लिए संस्कृति और संस्कारों की रक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को संस्कार देने और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। परिवार में मां और महिला जिस तरह से बच्चों को संस्कार देती है, उसका प्रभाव पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है।
महिला सुरक्षा, जनसुनवाई और युवा संस्कार के मुद्दों को लेकर बबीता चौहान की यह बातचीत ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और सत्ता तथा विपक्ष दोनों ही जनता के बीच अपनी-अपनी नीतियों और उपलब्धियों को लेकर पहुंच बना रहे हैं।
