ताजमहल पर हाई अलर्ट: संदिग्ध बैग की सूचना पर खाली कराया गया परिसर, जानिए क्या है पूरा मामला
Agra Taj Mahal: ताजमहल की खूबसूरती देखने के लिए दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक आगरा पहुंचते हैं। लेकिन सोचिए इस ऐतिहासिक इमारत में अचानक एक लावारिस बैग में विस्फोटक होने की सूचना फैल जाए तो क्या होगा?
- Reported By: प्रदीप कुमार रावत | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
ताजमहल पर हाई अलर्ट (सोर्स- फोटो नवभारत)
Agra Taj Mahal Security: संगमरमर में ढली मोहब्बत की निशानी ताजमहल… जिसकी खूबसूरती देखने के लिए दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक आगरा पहुंचते हैं। लेकिन सोचिए, इसी ऐतिहासिक इमारत के परिसर में अचानक एक लावारिस बैग मिले और उसमें विस्फोटक होने की सूचना फैल जाए तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को ताजमहल के पश्चिमी गेट पर देखने को मिला। फर्क सिर्फ इतना था कि यह कोई आतंकी हमला नहीं, बल्कि सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल थी।
संदिग्ध लावारिस बैग मिलने की दी गई सूचना
अभ्यास के दौरान ताजमहल परिसर में एक संदिग्ध लावारिस बैग मिलने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर पर्यटकों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर कराया गया। देखते ही देखते CISF, यूपी पुलिस, ASI, फायर सर्विस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
जांच के लिए दौड़े डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वाड
संदिग्ध बैग की जांच के लिए डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वाड (BDDS) को लगाया गया। अभ्यास के तहत बैग में विस्फोटक सामग्री होने की पुष्टि का परिदृश्य बनाया गया और इसके बाद निर्धारित SOP के अनुसार उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने और निस्तारण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
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मॉक ड्रिल का असली मकसद दहशत पैदा करना नहीं, बल्कि किसी वास्तविक आतंकी या विस्फोटक खतरे की स्थिति में कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दी जाए, कैसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जाए और अलग-अलग एजेंसियां किस तरह तालमेल के साथ काम करें, इसकी तैयारी को परखना था।
CISF कमांडेंट ऋषि कौशिक के निर्देशन में आयोजित यह अभ्यास डी-ब्रीफिंग के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ताजमहल पर हुआ यह रिहर्सल साफ संदेश दे गया कि विश्व धरोहर की खूबसूरती के साथ उसकी सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
