CM ग्रिड की चमक पर भ्रष्टाचार का साया; RITES जांच में फेल हुआ निर्माण सैंपल, दोषियों पर होगी कार्रवाई

CM Grid Agra: CM ग्रिड योजना के निर्माण कार्यों पर RITES की थर्ड पार्टी जांच में गुणवत्ता खामियां सामने आई हैं। कुछ सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, नगर निगम ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत दिए।
CM Grid Project Agra Under Scrutiny After RITES Audit Finds Construction Samples Failing Quality Tests
CM ग्रिड (सोर्स- फोटो नवभारत)
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CM Grid Project Agra: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा के विकास को लेकर लगातार सक्रिय हैं। विकास परियोजनाओं को रफ्तार देने के साथ ही मुख्यमंत्री अधिकारियों को साफ संदेश दे चुके हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लेकिन आगरा में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली CM ग्रिड योजना के कार्यों को लेकर सामने आई जांच रिपोर्ट ने निगरानी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

125 करोड़ की लागत से मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना

शहर में CM ग्रिड के तहत प्रमुख सड़कों के कायाकल्प का काम चल रहा है। शुरुआती चरण में करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से चार प्रमुख सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना है।

इनमें मारुति एस्टेट चौराहा से हनुमान मंदिर 100 फीट रोड पर करीब 26.25 करोड़, इंदिरापुरम चौराहा से एकता पुलिस चौकी रोड पर करीब 36.13 करोड़, जेसीबी शोरूम से शास्त्रीपुरम चौराहा तक सड़क पर करीब 33.17 करोड़ और एत्माद्दौला से शाहदरा चुंगी-नुनिहाई रोड पर करीब 29.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।

RITES की थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल

इन करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के बीच अब RITES की थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर आयुक्त संतोष वैश्य ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में बताया कि CM ग्रिड योजना के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों की थर्ड पार्टी ऑडिट RITES द्वारा कराई गई है। जांच में कुछ सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।

लैब टेस्ट में फेल पाए

रिपोर्ट में सामने आई खामियों के बाद मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने नगर आयुक्त से रिपोर्ट तलब की है। जांच के दौरान बसई मंडी से अमर होटल तिराहे तक चल रहे निर्माण कार्य के डिवाइडर के सैंपल लैब टेस्ट में फेल पाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा आरसीसी पाइप के नीचे PCC बेस नहीं बिछाए जाने को लेकर भी कार्यदायी संस्था से सवाल किए गए हैं।

बताया गया है कि बसई मंडी से अमर होटल तिराहे वाले हिस्से में करीब 4200 मीटर और लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत का CM ग्रिड कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में निर्माण सामग्री के सैंपल फेल होने की रिपोर्ट ने पूरे काम की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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दिल्ली गेट की सड़क की धीमी रफ्तार पर भी सवाल

वहीं दिल्ली गेट क्षेत्र में CM ग्रिड के तहत बन रही सड़क का काम धीमी गति से चलने को लेकर भी नगर निगम के सामने सवाल उठे हैं। नगर आयुक्त संतोष वैश्य ने कहा कि निर्माण कार्यों पर अधिकारियों की लगातार नजर है। संबंधित ठेकेदारों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जहां लापरवाही मिल रही है, वहां पेनल्टी भी लगाई जा रही है।

नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि जिन योजनाओं अथवा सैंपल में कमी पाई गई है, वहां जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाएगा। जो भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। काम की गति, गुणवत्ता या निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही और चूक सामने आने पर भी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद अब कार्रवाई की बारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा दौरे के दौरान पहले ही विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दे चुके हैं। ऐसे में CM ग्रिड जैसे फ्लैगशिप प्रोजेक्ट में थर्ड पार्टी जांच के दौरान सैंपल फेल होने का मामला अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि निर्माण में कमी कैसे आई, बल्कि यह भी है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में गुणवत्ता की निगरानी करने वाले जिम्मेदारों की भूमिका क्या थी? RITES की रिपोर्ट के बाद गेंद नगर निगम और मंडलायुक्त के पाले में है। निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आखिर कितने जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है और मानकों से समझौता करने वालों पर नगर निगम कितना सख्त रुख अपनाता है।

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