

Highlights:
अखिलेश यादव के 12 सवालों पर डिप्टी सीएम का पलटवार
112 सवालों का जवाब देने को तैयार
सपा सरकार पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ का आरोप
Brijesh Pathak Aligarh Visit: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने शनिवार को अलीगढ़ दौरे के दौरान विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा दोनों चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पर्दे के पीछे से राजनीतिक साजिशें रच रहा है।
डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा से पूछे गए 12 सवालों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह केवल 12 नहीं, बल्कि अखिलेश यादव के 112 सवालों का जवाब देने के लिए भी तैयार हैं। अखिलेश यादव मंच लगाएं, भाजपा हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। उनके इस बयान को दोनों दलों के बीच तेज होती राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है।
बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के पूर्ववर्ती शासनकाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा को प्रदेश में चार बार सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन उसके कार्यकाल में विकास के बजाय ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसी स्थिति रही। उन्होंने भाजपा सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में बदलाव आया है।
डिप्टी सीएम का यह आरोप सपा और भाजपा के बीच लंबे समय से जारी कानून-व्यवस्था की बहस को फिर सामने लाता है। भाजपा जहां अपने शासनकाल को बेहतर कानून-व्यवस्था से जोड़ती है, वहीं विपक्ष सरकार के कामकाज और नीतियों पर सवाल उठाता रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए बृजेश पाठक ने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के कारण 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास इस उपलब्धि का जवाब नहीं है।
गरीबी में कमी का यह आंकड़ा केंद्र सरकार की नीतियों के समर्थन में दिए जाने वाले प्रमुख दावों में शामिल है। हालांकि, इस आंकड़े का आकलन किस अवधि और किस मानक के आधार पर किया गया है, इसे स्पष्ट करना जरूरी है। गरीबी के आकलन में इस्तेमाल होने वाले मानक और आंकड़ों की समयावधि से निष्कर्ष प्रभावित हो सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री का 17 अक्टूबर का अलीगढ़ दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उन्होंने मलखान सिंह जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया और डीएस डिग्री कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में भाग लिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में शिक्षक सम्मेलन को आगामी एमएलसी चुनावों के संदर्भ में भी अहम बताया गया है।
अलीगढ़ में दिए गए बयानों के साथ ही प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। भाजपा और विपक्षी दलों के बीच कानून-व्यवस्था, गरीबी, सरकारी योजनाओं और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दे आने वाले समय में बहस के केंद्र में रह सकते हैं।