‘पेपर लीक दुखद, लेकिन आंदोलन में मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए’, NEET पेपर लीक पर महिला आयोग का बयान
NEET Paper Leak Case: NEET पेपर लीक मामले पर महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी मेहनती छात्रों के भविष्य पर असर डालती है। उन्होंने आंदोलन में संस्कार बनाए रखने की अपील की।
- Reported By: प्रदीप कुमार रावत | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Women Commission Statement On NEET Paper Leak: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि किसी भी परीक्षा में अनियमितता लाखों मेहनती छात्रों के सपनों और भविष्य पर सीधा आघात करती है।
पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन परिश्रम और अनुशासन के साथ तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके मनोबल को तोड़ देती हैं और व्यवस्था पर भरोसा कमजोर करती हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी परीक्षा प्रभावित न हो।
हालांकि, बबीता चौहान ने इस मुद्दे को लेकर हुए आंदोलन के दौरान सामने आए कुछ दृश्यों और व्यवहार पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान मर्यादा, शालीनता और सामाजिक जिम्मेदारी का पालन भी उतना ही आवश्यक है।
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संस्कार समाज की सबसे बड़ी ताकत
बीएचयू, वाराणसी में अपने वक्तव्य के दौरान बबीता चौहान भावुक भी दिखीं और उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कार पूरी दुनिया में सम्मानित हैं। ऐसे में युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को केवल सफल नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने की सीख देते हैं और यही संस्कार समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी बात पूरी मजबूती से रखें, लेकिन किसी भी आंदोलन के दौरान ऐसा आचरण न करें जिससे समाज में गलत संदेश जाए। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति ही भारत की सबसे बड़ी पहचान हैं और इन्हें हर परिस्थिति में बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
