

Bareilly Kanha Upvan Gaushala: बरेली में उस समय हिंदूवादी सड़कों पर उतर आए जब उन्हें जानकारी मिली कि कान्हा उपवन गौ शाला में अव्यवस्थाओं के कारण गौ वंश की लगातार मौत हो रही हैं, यही नहीं बीमार गौ वंश का उपचार तक नहीं हो रहा। जैसे ही यह जानकारी हिंदूवादियों को मिली वह सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कान्हा गौ शाला पहुंच कर जमकर हंगामा काटा।
गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता कान्हा गौशाला पहुंचे बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा घटा और नगर निगम एवं नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। इसी हंगामा के बीच पुलिस भी पहुंच गई और उन्होंने गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं को समझने का काफी प्रयास किया लेकिन गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता अड़े रहे कि नगर आयुक्त और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया जाए।
यह घटना बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र स्थित सरकारी कान्हा उपवन गौशाला में गौ वंश की मौत और उनकी बदहाली से जुड़ी हुई है।
आक्रोशित लोगों का आरोप है कि कान्हा उपवन में गौ वंश के रख-रखाव और उपचार में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। गौ रक्षक दल एवं हिंदूवादियों का दावा है कि उचित देखभाल नहीं होने के कारण कई गौ वंश की मौत हुई है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों की भीड़ कान्हा उपवन के बाहर जुट गई। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचें और गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। प्रदर्शनकारी अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
विरोध बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, जबकि आक्रोशित लोग गौशाला में गौ वंश की स्थिति और व्यवस्थाओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराते रहे।
वहीं, कान्हा उपवन से जुड़े लोगों का कहना है कि गौशाला में गौ वंश की देखभाल में किसी तरह की लापरवाही नहीं की जा रही है। उनका दावा है कि पशु चिकित्सक नियमित रूप से गौशाला पहुंचते हैं और बीमार गोवंशीय पशुओं का उपचार किया जाता है।
गौ रक्षक दल और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पशु चिकित्सक नियमित रूप से गौशाला पहुंच रहे हैं और गोवंश का उपचार हो रहा है, तो फिर पशुओं की मौत की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई, इसकी जांच होनी चाहिए।
विरोध कर रहे लोगों ने गौशाला की व्यवस्थाओं, गौ वंश की मौत के कारणों, उपचार व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में वायरल वीडियो की सत्यता, गौ वंश की मौत के वास्तविक कारण और कान्हा उपवन में उपलब्ध व्यवस्थाओं की आधिकारिक जांच बेहद महत्वपूर्ण है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि लापरवाही हुई है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है। अब देखना होगा इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर आयुक्त गौ शाला से जुड़े निगम अधिकारियों पर कोई बड़ी कार्रवाई करेंगे।