

Meerut Hospital Expired Injection Allegation: टीपीनगर थानाक्षेत्र के बागपत रोड स्थित सिरोही हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। कुछ दिन पहले उपचार के दौरान मरीज को एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगने के बाद अब उसी मरीज हारून की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को संभाला।
पुलिस के मुताबिक जानी थाना क्षेत्र के सिसौला गांव का रहने वाला हारून पुत्र अली हसन को करीब छह दिन पहले डेंगू और बुखार की शिकायत के चलते बागपत रोड स्थित सिरोही हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाया था। मामला बढ़ने पर टीपीनगर पुलिस मौके पर पहुंची थी और अस्पताल प्रबंधन व परिजनों से बातचीत कर विवाद शांत कराया था।
उस समय अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपचार के दौरान बना पूरा बिल माफ करने और परिजनों द्वारा जमा कराई गई रकम वापिस करने की बात कही गई थी। इसके बाद हारून को बेहतर उपचार के लिए परिजन दूसरे अस्पताल लेकर चले गए थे। लेकिन शुक्रवार देर रात दूसरे अस्पताल में उपचार के दौरान हारून ने दम तोड़ दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजन दोबारा सिरोही हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने के साथ ही एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने के आरोप लगाए। हंगामे की सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।
इस मामले में परिजनों का कहना है कि सिरोही हॉस्पिटल में उपचार के दौरान हारून की हालत बिगड़ी थी। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। हालांकि मरीज की मौत का वास्तविक कारण क्या था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस के अनुसार मामले में दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। परिजनों की ओर से शिकायत मिलने पर आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मेरठ पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।