

Aligarh Government School Building: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्कूली बच्चों ने अपनी जान की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दादों क्षेत्र के भमोरी खुर्द गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत से डरे बच्चों ने कक्षाओं में बैठने से इनकार कर दिया। बच्चों का कहना है कि जिस भवन में उन्हें पढ़ने के लिए भेजा जा रहा है, वह कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
विरोध के दौरान बच्चों ने स्कूल के बाहर खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कक्षा आठ के छात्र आर्यन और पवन ने कहा, “हमें इस स्कूल में नहीं पढ़ना... हमें मरना थोड़े ही है। स्कूल कभी भी गिर सकता है। अगर इसमें पढ़ेंगे तो स्कूल में ही दबकर रह जाएंगे।”
स्कूल भवन की हालत देखकर बच्चों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। कक्षाओं की छत को सहारा देने वाला मुख्य बीम बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर झुक गया है। कई कमरों की दीवारें जर्जर हैं और जगह-जगह से प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। ऐसे में बच्चों को कक्षाओं में बैठाने को लेकर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्कूल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। परिसर के कई हिस्सों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां और घास उगी हुई है। बच्चों और शिक्षकों का दावा है कि परिसर में अक्सर सांप दिखाई देते हैं। इससे पहले से जर्जर भवन में पढ़ने वाले बच्चों के सामने एक और खतरा खड़ा हो गया है।
स्कूल के शिक्षकों के मुताबिक भवन की खराब हालत को लेकर अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई परिवारों को मजबूरी में उन्हें निजी स्कूलों में भेजना पड़ रहा है।
भमोरी खुर्द का यह प्राथमिक विद्यालय अतरौली विधानसभा क्षेत्र में आता है। अतरौली से प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह विधायक हैं। ऐसे में मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी प्राथमिक विद्यालय की इस स्थिति को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठने लगे हैं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बच्चों के विरोध और मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ है। जिला विद्यालय निरीक्षक पूरण सिंह के अनुसार, शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा को लेकर गठित समिति की बैठक बुलाई गई है। असुरक्षित भवनों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
अलीगढ़ की यह तस्वीर सिर्फ एक स्कूल भवन की जर्जर हालत का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि जब बच्चे खुद अपनी जान की सुरक्षा को लेकर स्कूल की कक्षा में बैठने से इनकार करने लगें, तो जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?