

Agra Municipal Corporation Roads: शहर की बदहाल सड़कों, जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर समाजवादी पार्टी महानगर आगरा ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी पदाधिकारियों ने इन मुद्दों को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सपा ने विशेष रूप से PNC Infratech द्वारा निर्मित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को निशाने पर लिया। पार्टी का आरोप है कि करीब 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क धंसने, दरारें और अन्य खामियां सामने आना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रभावित हिस्से में करीब 300 मीटर तक सड़क के धंसने के बाद NHAI ने टोल वसूली रोकने और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
मरम्मत के दौरान सड़क सुखाने के लिए पेडेस्टल पंखों के इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला और गरमा गया। इसको लेकर भी निर्माण तकनीक और गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल उठे।
सपा ने सवाल उठाया कि जिस कंपनी के प्रोजेक्ट पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर कार्रवाई चल रही है, उसी कंपनी को जुलाई 2026 में NHAI की ओर से करीब ₹3,483 करोड़ के दो नए हाईवे प्रोजेक्ट मिले। इनमें बाराबंकी-मुस्तफाबाद और मुस्तफाबाद-बिसवरिया खंड शामिल हैं।
ज्ञापन में PNC से जुड़े वर्ष 2024 के कथित रिश्वत प्रकरण का भी उल्लेख किया गया। CBI ने उस मामले में NHAI के तत्कालीन जीएम पुरुषोत्तम लाल चौधरी समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था और PNC के कुछ कर्मचारियों के नाम भी मामले में सामने आए थे। कंपनी के एमडी योगेश कुमार जैन के परिसर में भी CBI ने तलाशी ली थी। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
सपा ने आगरा नगर निगम की सड़कों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहर की कई प्रमुख सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। पार्टी ने मांग की कि नगर निगम की सड़कों और बड़े निर्माण प्रोजेक्टों का तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
सपा ने PNC से जुड़े प्रोजेक्टों में यदि अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई, कंपनी को नियमानुसार ब्लैकलिस्ट करने और संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सड़क और पुल जैसी सार्वजनिक संपत्तियों की गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।