

Agra Police Viral Video: पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण लगातार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करने, पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और कानून के दायरे में कार्रवाई करने के निर्देश देते रहे हैं। आगरा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार की ओर से भी पुलिसकर्मियों को अनुशासन और जीरो टॉलरेंस के साथ काम करने की हिदायत दी जाती रही है। लेकिन सदर थाना क्षेत्र से सामने आया एक कथित वीडियो इन दावों और जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मामला थाना सदर क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी चौकी से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि एक महिला अपने पति से परेशान थी। महिला के भाई विष्णु ने अपनी बहन की शिकायत लेकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष की सूचना पर डिफेंस कॉलोनी चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान हुई बातचीत का वीडियो मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया गया।
अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। वीडियो में चौकी इंचार्ज की ओर से कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि “नहीं मान रहा तो कत्ल कर दो।” हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि अभी नहीं हुई है। वीडियो में बातचीत किस परिस्थिति में और किस संदर्भ में हुई, इसकी भी आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बहन का पति कथित तौर पर दूसरी महिला को अपने साथ रख रहा है और उसकी बहन को परेशान किया जा रहा है। इसी शिकायत को लेकर महिला का भाई पुलिस के पास पहुंचा था। बताया गया है कि विष्णु ने फोन कर चौकी इंचार्ज को मौके पर बुलाया था। शिकायत और बातचीत के दौरान ही कथित टिप्पणी सामने आने का दावा किया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यशैली और पीड़ित के साथ पुलिसकर्मी के व्यवहार को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि वायरल वीडियो में कही गई कथित बात की पुष्टि होती है तो यह सवाल भी उठेगा कि आखिर एक पुलिस अधिकारी किसी पारिवारिक विवाद में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किस परिस्थिति में कर सकता है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल बताई जा रही है। अब निगाहें पुलिस उपायुक्त नगर सैयद अली अब्बास की ओर हैं। सवाल यह है कि वायरल वीडियो की जांच कराकर मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और संबंधित चौकी इंचार्ज से इस कथित टिप्पणी को लेकर किस स्तर पर जवाब-तलब किया जाता है।
पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार जीरो टॉलरेंस, पीड़ितों की सुनवाई और जवाबदेही की बात कही जाती है। ऐसे में डिफेंस कॉलोनी चौकी से सामने आया यह कथित वीडियो उन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।