पुष्पा स्टाइल में तस्करी; भूसे के नीचे छिपाई थी 45 लाख की शराब, आगरा पुलिस ने बरामद की 415 पेटियां

Liquor Smuggling: आगरा में ट्रांसयमुना पुलिस ने भूसे के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही करीब 45 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब बरामद की। दस चक्का ट्रक से 415 पेटियां मिलीं, चालक और परिचालक से पूछताछ जारी है।
Agra Police Bust Liquor Smuggling Network, 415 Cases Worth 45 Lakh Hidden Under Hay
पकड़े गए आरोपी(फोटो नवभारत)
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Agra Liquor Smuggling: शराब तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए नया तरीका खोज निकाला। ट्रक में ऊपर से भूसा लादा गया और उसके नीचे लाखों रुपये की अंग्रेजी शराब की पेटियां छिपा दी गईं। मकसद था हरियाणा से शराब की खेप को आगरा के रास्ते बिहार तक पहुंचाना, लेकिन तस्करों का यह ‘पुष्पा स्टाइल’ आगरा पुलिस के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सका।

चक्का ट्रक से बरामद की अंग्रेजी शराब की 415 पेटियां

ट्रांसयमुना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दस चक्का ट्रक से करीब 45 लाख रुपये कीमत की अंग्रेजी शराब की 415 पेटियां बरामद की हैं। पुलिस ने चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि शराब की इस बड़ी खेप के पीछे कौन-कौन लोग हैं और इसका असली नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

आगरा के रास्ते ट्रांसपोर्ट होकर बिहार पहुंचाई जा रही शराब

मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि ट्रांस यमुना पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि बाहरी राज्यों की शराब आगरा के रास्ते ट्रांसपोर्ट होकर बिहार पहुंचाई जा रही है। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच और पुष्टि की। जब सूचना सही पाई गई तो पुलिस ने तस्करों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी।

भूसे के नीचे छिपाया गया शराब

इसके बाद मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर झरना नाले के पास हाईवे पर दस चक्का ट्रक को रोक लिया। ट्रक की तलाशी शुरू हुई तो पुलिस को ऊपर से सिर्फ भूसा दिखाई दिया, लेकिन जब भूसे को हटाया गया तो उसके नीचे शराब की पेटियां देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।

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डीसीपी सिटी के मुताबिक, तस्करों ने इस बार शराब छिपाने का नया तरीका अपनाया था। पेटियों को भूसे के नीचे इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य तलाशी में आसानी से इसका पता न चल सके।

पुलिस के मुताबिक बरामद शराब हरियाणा मार्का है और इसे बिहार पहुंचाया जाना था। शराब की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है।

एक माह की निगरानी के बाद मिली सफलता

सबसे अहम बात यह है कि पुलिस इस नेटवर्क पर अचानक नहीं पहुंची, बल्कि लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। करीब एक माह की निगरानी और सटीक सूचना के बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।

अब पुलिस की जांच सिर्फ ट्रक और उसमें बैठे दो लोगों तक सीमित नहीं है। पूछताछ के जरिए उस शख्स तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है जो इस पूरे तस्करी नेटवर्क को संचालित कर रहा है। आगरा पुलिस को आशंका है कि प्रतिबंधित राज्यों में शराब की सप्लाई करने वाला यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है।

यानी तस्करों ने सोचा था कि भूसे के नीचे शराब छिपाकर पुलिस को चकमा दे देंगे, लेकिन आगरा पुलिस ने भूसे की एक-एक परत हटाकर पूरा खेल सामने ला दिया।

फिलहाल ट्रांसयमुना थाना पुलिस और एसओजी की कार्रवाई के बाद शराब तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।

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