

Agra Police Arrests Rewarded Burglar: आगरा पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन के ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देकर कई राज्यों में फरार होने वाले शातिर गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में 25 हजार रुपये के इनामी शातिर नकबजन ध्रुव सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, चोरी की लाइसेंसी राइफल, 315 बोर के दो जिंदा कारतूस और बाइक बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी पर कागारौल थाने में नकबजनी के तीन मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर पहले 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया था।
डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से धौलपुर का रहने वाला है और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गैंग संचालित करता था। गैंग का नेटवर्क राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों तक फैला हुआ था। आरोपी ग्रामीण और देहात क्षेत्रों में मकानों को निशाना बनाते थे और वारदात के बाद दूसरे राज्य में जाकर छिप जाते थे। पुलिस के मुताबिक गैंग की गतिविधियां बेहद शातिराना थीं और इनका नेटवर्क बेहद मजबूत है। जिसके चलते इनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।
फजीहतपुरा कट के पास पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी वहां मौजूद हैं। सूचना के आधार पर खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी ध्रुव सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कई चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकारा है। पुलिस अब उसके फरार साथियों बब्लू और अनिरुद्ध की तलाश में जुटी है।
पुलिस के खुलासे के साथ ही इस मामले में पीड़ित परिवार की करीब चार साल पुरानी पीड़ा भी सामने आई है। पीड़ित के मुताबिक जून 2022 में उसके घर में चोरी हुई थी। बदमाश घर से लाइसेंसी बंदूक, करीब 22 तोले सोना, चार लाख रुपये नकद और ढाई किलो चांदी चोरी कर ले गए थे। वारदात के बाद पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से लगातार चोरी के खुलासे की गुहार लगाई, लेकिन समय बीतता गया और उसका सामान बरामद नहीं हो सका।
पीड़ित ने बताया कि चोरी की घटना से वह पूरी तरह टूट गया था। उसने तत्कालीन एसएसपी के सामने संकल्प लिया था कि जब तक उसके घर हुई चोरी का खुलासा नहीं होगा, वह अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएगा। इसके बाद करीब चार साल तक उसने दाढ़ी नहीं कटवाई। उसका कहना है कि इस संकल्प का असर उसके पारिवारिक जीवन पर भी पड़ा और उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई, लेकिन उसने अपना संकल्प नहीं छोड़ा।
पीड़ित का कहना है कि चार साल तक वह चोरी के खुलासे का इंतजार करता रहा। हर बार उम्मीद रहती थी कि पुलिस बदमाशों तक पहुंचेगी और उसका सामान बरामद होगा। अब पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी की लाइसेंसी राइफल बरामद किए जाने के बाद उसका वर्षों पुराना संकल्प पूरा हो गया है।
उसने भावुक होकर कहा कि इतने वर्षों के इंतजार के बाद आज उसे जो खुशी मिली है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उसका कहना है कि उसने तमाम परेशानियां झेलीं, लेकिन हिम्मत नहीं छोड़ी। पुलिस की कार्रवाई के बाद उसे उम्मीद है कि चोरी गया बाकी सामान भी बरामद होगा और इस वारदात में शामिल सभी आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचेंगे।
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी और उसके साथियों का नेटवर्क काफी मजबूत है। गैंग वारदात के लिए ग्रामीण इलाकों को चुनता था और चोरी के बाद दूसरे राज्यों में जाकर छिप जाता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों और उनके द्वारा अंजाम दी गई वारदातों की जानकारी जुटा रही है। फरार बब्लू और अनिरुद्ध की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।