

योगेंद्र उपाध्याय ने सपा की ओर से लगाए आरोपों पर दी प्रतिक्रिया
मंत्री का दावा- भाजपा के पक्ष में आएंगे एमएलसी चुनाव परिणाम
भाजपा की संस्कृति में बूथ कैप्चरिंग जैसी गतिविधियों के लिए जगह नहीं: योगेंद्र उपाध्याय
Yogendra Upadhyay on Agra MLC Election: आगरा खंड शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों पर मतदान के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के शिक्षक सीट से प्रत्याशी आकाश अग्रवाल की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने पलटवार किया है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए सवाल उठाया कि यदि बूथ कैप्चरिंग हुई है तो उसका प्रत्यक्ष प्रमाण क्या है? क्या किसी ने इसे होते हुए देखा है? क्या इसका कोई ठोस वीडियो या साक्ष्य है?
नव भारत से विशेष बातचीत में योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि चुनाव के दौरान लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की संस्कृति में बूथ कैप्चरिंग जैसी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। जब उनसे सोशल मीडिया पर बूथ कैप्चरिंग से संबंधित वीडियो वायरल होने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाजवादी पार्टी में होती रही हैं, भाजपा की कार्यशैली ऐसी नहीं है।
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सपा नेता रामजीलाल सुमन की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर निचले स्तर तक आरोप लगाने की एक ही परिपाटी दिखाई देती है। उनके मुताबिक, जब इन आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मांगे जाते हैं तो आरोप लगाने वाले पीछे हट जाते हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं की मुलाकात का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। मंत्री ने दावा किया कि विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने गए थे, लेकिन जब उनसे साक्ष्य मांगे गए तो वे वहां से चले गए। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने विपक्ष के आरोपों और उनके समर्थन में प्रमाण पेश करने की क्षमता पर सवाल उठाए।
एमएलसी चुनाव को लेकर भाजपा की स्थिति पर भरोसा जताते हुए योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उनके मुताबिक, पार्टी के पक्ष में माहौल है और चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में आएंगे।
आगरा खंड शिक्षक और स्नातक सीटों पर मतदान के दौरान जहां प्रत्याशी और राजनीतिक दल चुनाव प्रक्रिया को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं शिक्षा मंत्री के बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब निगाहें मतदान के शेष समय और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि दोनों सीटों पर किस दल के प्रत्याशियों को मतदाताओं का समर्थन मिलता है।